कालपी। गोरखपुर पनवेल एक्सप्रेस में शाम के वक्त बोगी के नीचे से चिंगारी के साथ धुआं उठते देख यात्रियों में हड़कंप मच गया। बर्निंग ट्रेन बनने से एक्सप्रेस बच गई। आननफानन में चेन पुलिंग कर ट्रेन को रोका गया। इसके बाद पुलिस, प्रशासन के अधिकारी और रेलवे की यांत्रिक विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची। तब जाकर आग पर काबू किया गया। एसडीएम सतीश चंद्र ने बताया कि हादसे से कोई हताहत नहीं हुआ है। ट्रेन को जरूर बीस से पच्चीस मिनट तक रोका गया था।
मंगलवार की शाम करीब पौने सात बजे के आसपास गोरखपुर से पनवेल जाने वाली ट्रेन जब उरई स्टेशन की ओर जा रही थी, तभी किसी यात्री की नजर जनरल बोगी के नीचे से उठ रहे तेज धुएं पर पड़ी। यात्री को बोगी में आग लगने की आशंका हुई। इस पर उसने चेन पुलिंग कर ट्रेन रोक दी। इसके बाद जब अन्य यात्रियों की नजर बोगी से निकले रहे धुएं पर पड़ी तो वहां हड़कंप मच गया। यूपी 100 को सूचना दी गई। इसके बाद एसडीएम और कोतवाली पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। कुछ देर बाद उरई स्टेशन से यांत्रिक विभाग की टीम भी जोल्हूपुर पहुंची और बोगी लगे उपकरणों की जांच पड़ताल शुरू की गई।
रेल अधिकारियों ने बताया कि आग बोगी के अल्टीनेटर की वायरिंग में लगी थी। अल्टीनेटर का कार्य बैट्री चार्ज करना होता है। फिलहाल उसे बदल कर ट्रेन को आगे के लिए रवाना कर दिया गया है। ट्रेन करीब पच्चीस मिनट तक आउटर पर ही खड़ी रही। इससे खौफजदा यात्रियों को पानी के लिए भी परेशान होना पड़ा। रेल अधिकारियों का कहना है कि आग बुझाने में लगे समय के कारण अन्य किसी ट्रेन के संचालन कोई विशेष दिक्कत नहीं रही। सूत्रों की मानें तो यदि कुछ देर तक और भी ध्यान नहीं दिया जाता तो आग बढ़ सकती थी और एक्सप्रेस बर्निंग ट्रेन में तब्दील होती तो बड़ा हादसा हो सकता था। यही खौफ वहां मौजूद हर यात्री के चेहरे पर भी नजर आ रहा था।
रूट पर लगातार हो रहे हादसे
बीते साल इसी रूट पर पुखरायां के पास बोगी पलटने से कई यात्रियों की मौत हो गई थी। करीब तीन माह पूर्व भी उरई स्टेशन के आउटर पर रेलवे लाइन चटकी मिली थी। उस वक्त भी हादसा टल गया था।