उरई। 132 केवीए बिजलीघर में शुक्रवार शाम जोरदार धमाका हुआ। इसके बाद शहर के साथ आसपास के करीब सौ गांवों की सप्लाई ठप हो गई। तीन लाख से अधिक लोगों के घरों की बिजली सप्लाई ठप हो गई। शनिवार सुबह लोग पानी के लिए भी तरसे। मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल तक की सप्लाई ठप होने से हालात बिगड़ गए। हालांकि कई क्षेत्रों पांच घंटे बाद बिजली आ गई, लेकिन कई जगह 15 घंटे बाद सप्लाई बहाल हुई।
शाम 4:45 बजे हुए इस ब्लास्ट के बाद बिजलीघर परिसर में खलबली मच गई। कर्मचारियों ने तत्काल अधिकारियों को सूचना दी। अधिकारी रातभर मरम्मत में जुटे रहे। पांच घंटे की मशक्कत के बाद मेडिकल कॉलेज और कोंच रोड फीडर को चालू किया गया। आधे घंटे बाद यह भी ठप हो गया। देर रात तक काम चलता रहा और सुबह तक बघौरा, सुशील नगर, कुसमिलिया सहित कुछ इलाकों की सप्लाई चालू हो सकी।
कई मोहल्लों और गांवों में बिजली गुल रहने से लोगों की हालत खराब हो गई। उमस और गर्मी ने लोगों को बेहाल कर दिया। स्वतंत्रता दिवस के दिन बिजली गुल रहने से लोगों का गुस्सा सोशल मीडिया पर जमकर फूटा। शनिवार को भी कई इलाकों में रोस्टर के हिसाब से ही सप्लाई मिल सकी। अधिकारियों के मुताबिक 63 एमवीए का ट्रांसफार्मर खराब हो गया था। इस वजह से दिक्कत आई। इस ट्रांसफार्मर से अकेले पूरे शहर को सप्लाई दी जा सकती है।
विभाग का कहना है कि खराबी को शनिवार दोपहर तक दूर कर लिया गया। खुद डीएम राजेश कुमार पांडेय भी पूरे मामले पर नजर बनाए रहे। करीब पांच घंटे तक तीन लाख की आबादी को बिजली नहीं मिली, जबकि देर रात तक एक लाख से ज्यादा लोग और सुबह तक करीब 50 हजार उपभोक्ता बिजली से वंचित रहे।
इस दौरान पानी की सप्लाई भी प्रभावित हुई, शहर के अधिकांश नलकूप ठप पड़ गए। जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में रातभर जनरेटर से काम चलाना पड़ा। यह पहला मौका था जब पूरे शहर की सप्लाई एक साथ ठप हो गई।
बिजली निगम के अधिशासी अभियंता जितेंद्र नाथ ने बताया कि ब्लास्ट के चलते आउटगोइंग लाइन का बसवार टूट गया था और तार जमीन पर गिर गए थे। इसकी वजह से सप्लाई बिल्कुल भी नहीं हो सकी। उन्होंने बताया कि आउटगोइंग के लिए रखा गया 250 केवीए का ट्रांसफार्मर भी खराब हो गया। 63 एमवीए ट्रांसफार्मर में तकनीकी खराबी आई। हालात को संभालने के लिए बाहर की टीम भी जिले में पहुंची। जिन्होंने सप्लाई दुरुस्त करने के लिए काम किया।
पूरे मामले को दबाने की कोशिश
बिजली निगम के अधिकारी रातभर मेहनत कर सप्लाई बहाल करने में लगे रहे। वहीं, यूपी पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड के अधिकारी इस पूरे मामले को दबाने की कोशिश करते नजर आए। निगम के अधिशासी अभियंता सरल सनिल ने सिर्फ इतना कहा कि तकनीकी खराबी के चलते सप्लाई गई थी, जिसे ठीक कर लिया गया है। निगम के कई अफसर इसे बड़ी लापरवाही बता रहे हैं।
उनका कहना है कि पिछले एक महीने से लगातार 132 केवी बिजलीघर में फाल्ट और तार टूटने की घटनाएं हो रही हैं। एक महीने पहले भी इसी तरह की खराबी से जिला अस्पताल सहित आधे शहर की सप्लाई गुल हो गई थी। इसके बावजूद ठोस इंतजाम नहीं किए गए।
वर्जन-
132 केवी बिजलीघर में बड़ा फाल्ट हुआ था। इससे कई तार टूट गए थे, जिनको ठीक किया जा रहा है। कुछ जगह की सप्लाई चालू हो गई कुछ जगह की शाम तक चालू कर ली जाएगी।
- नंदलाल, अधीक्षण अभियंता, बिजली विभाग