संवाद न्यूज एजेंसी
उरई। जिला अस्पताल की ब्लड बैंक में बिना अनुमति के मेडिकल कॉलेज के ब्लड बैंक प्रभारी के काम करने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। मामले में डीएम राजेश कुमार पांडेय के दखल देने से खलबली मची हुई है। उधर, सीएमएस डॉ. आनंद उपाध्याय ने जिला अस्पताल के ब्लड बैंक प्रभारी समेत पूरे स्टाफ से स्पष्टीकरण मांगा है।
25 अगस्त को ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की स्थानीय शाखा की ओर से रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया था। इसमें जिला अस्पताल की ब्लड बैंक को 55 यूनिट रक्त मिला था। जबकि, मेडिकल कॉलेज की ब्लड बैंक की टीम को करीब 25 यूनिट रक्त मिला था। एक दिन में 80 यूनिट रक्त मिलने की खूब चर्चा हो रही थी।
इसी बीच रात को मेडिकल कॉलेज की ब्लड बैंक के प्रभारी डॉ. एम सिद्दीकी अपने एक जूनियर रेजीडेंट (जेआर) के साथ जिला अस्पताल की ब्लड बैंक पहुंचे और ब्लड सेपरेशन यूनिट में काम करने लगे। इसी बीच रात में ब्लड की कालाबाजारी की आशंका पर जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. आनंद उपाध्याय भी ब्लड बैंक पहुंच गए।
उन्होंने दोनों चिकित्सकों से इसके लिए अनुमति पत्र दिखाने को कहा। जब वह इसे नहीं दिखा पाए तो उन्होंने स्टाफ से नाराजगी जताई थी और इसकी शिकायत डीएम राजेश कुमार पांडेय से की थी।
डीएम ने भी इस मामले को गंभीरता से लिया है। उन्होंने मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अरविंद त्रिवेदी व ब्लड बैंक के प्रभारी एम सिद्दीकी को तलब किया और इस मामले में नाराजगी व्यक्त की। डीएम के दखल के बाद इस मामले में खलबली मची हुई है।
वहीं, दूसरी ओर जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. आनंद उपाध्याय ने जिला अस्पताल के ब्लड बैंक प्रभारी समेत निरीक्षण के दौरान मौजूद सभी स्टाफ से स्पष्टीकरण मांगा है कि उन्होंने किसी अनुमति से ब्लड सेपरेशन यूनिट में काम करने की इजाजत दी है।
इस मामले में मेडिकल कॉलेज के ब्लड बैंक के प्रभारी एम सिद्दीकी ने बताया कि बुधवार को दोपहर डीएम से मुलाकात की थी।