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22 साल पुराने पुलिस-डकैत मुठभेड़ मामले में सुनवाई तेज करें : कोर्ट

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उरई। 22 साल पुराने पुलिस और डकैतों के बीच मुठभेड़ मामले में पूर्व दस्यु सरगना मंगली केवट की बुधवार को डकैती कोर्ट में पेशी होनी थी, लेकिन किसी कारणवश वह अदालत में पेश नहीं हो सका। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 18 जून की तारीख निर्धारित करते हुए मुकदमे की सुनवाई में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। मामला कुठौंद थाना क्षेत्र से जुड़ा है।
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एक जून 2004 को कुठौंद थाना पुलिस क्षेत्र में चेकिंग अभियान चला रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम कोटा-सिलउआ जनतापुरा के पास कुछ डकैत वारदात को अंजाम देने की फिराक में एकत्र हैं, जिनका नेतृत्व मंगली केवट कर रहा है।

सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घेराबंदी कर कार्रवाई शुरू की। इस दौरान पुलिस ने औरैया जनपद निवासी सुरेंद्र और रामनरेश को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से अवैध असलहा और कारतूस बरामद किए गए, जबकि अन्य बदमाश अंधेरे का फायदा उठाकर पुलिस पार्टी पर फायरिंग करते हुए मौके से भाग गए।
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गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में खुद को मंगली केवट गैंग का बदमाश बताया था। इसके बाद पुलिस ने मंगली केवट समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ जानलेवा हमला सहित विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की थी। विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया था।

बताया जाता है कि इस मामले में लंबे समय तक कोई विशेष प्रगति नहीं हो सकी। इससे पहले वर्ष 2015 में जालौन की अदालत ने एक अन्य पुलिस मुठभेड़ मामले में चंबल के पूर्व दस्यु सरगना मंगली केवट और उसकी पत्नी मालती केवट को आठ-आठ वर्ष की सजा तथा एक-एक हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया था। वहीं राजा भैया, महेंद्र सिंह, फौजी, बलवीर सिंह, पप्पू और राममूर्ति को साक्ष्यों के अभाव में दोषमुक्त कर दिया गया था।

जानकारी के अनुसार महेंद्र सिंह उर्फ फौजी के खिलाफ वर्तमान में जालौन या अन्य जनपदों में कोई मुकदमा लंबित नहीं है और वह पूर्व के मामलों में बरी हो चुके हैं।

वहीं पुलिस के अनुसार मंगली केवट पर हत्या, डकैती और अपहरण समेत कई गंभीर मुकदमे दर्ज रहे हैं तथा अन्य मामलों में भी उसे सजाएं मिल चुकी हैं। बुधवार को पेशी पर मंगली केवट के उपस्थित न होने पर अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 18 जून की तारीख तय की। साथ ही कोर्ट ने मामले में हो रही देरी पर नाराजगी जताते हुए मुकदमे की सुनवाई में तेजी लाने के निर्देश दिए।
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