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Jalaun News: हर साल टोल टैक्स की मार, हाईवे पर गड्ढों की भरमार

Wed, 02 Apr 2025 12:30 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
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उरई/कालपी। जिले में दो टोल प्लाजा स्थापित हैं। मंगलवार से 10 से 25 रुपये तक बढ़ी हुई टोल दरें वसूली जा रही हैं। दोनों टोल से प्रतिदिन करीब 10 हजार वाहन गुजरते हैं। इनसे हर रोज करीब 50 लाख रुपये की टोल कर की वसूली की जा रही है। इसके बावजूद हाईवे की स्थिति बदहाल हैं। बड़े-बड़े गड्ढों की वजह से आए दिन हादसे होते रहते हैं। सड़क इतनी टूटी है कि वाहन चालकों को हमेशा दुर्घटना का भय बना रहता है।
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जिले की सीमा कालपी से शुरू होकर एट के पिरौना पर खत्म हो जाती है। करीब 60 किलोमीटर की इस दूरी में दो टोल आटा और एट पड़ते हैं। दोनों टोल से प्रतिदिन करीब 10 हजार वाहन आवागमन करते हैं। एक अप्रैल से कार से 120 रुपये और बड़े वाहन निकलने पर 400 से 685 रुपये वसूले जा रहे हैं। इतना टोल वसूलने के बावजूद सड़क की तरफ ध्यान नहीं दिया जाता है।
कालपी से चलने पर चौरासी गुंबद के पास सड़क बदहाल है। इसके आगे बढ़ने पर आटा के चमारी के पास सड़क पूरी तरह से क्षतिग्रस्त है। यहां बड़े-बड़े गड्ढे हैं। इसके साथ ही उरई से लेकर एट तक करीब तीन जगहों पर सड़क से गिट्टी एकदम से गायब हो गई है। यहां से जब वाहन पहुंचते हैं तो उनकी गति पर ब्रेक लग जाता है। कई बार वाहन चालक इन गड्ढों को देख नहीं पाते हैं और हादसे का शिकार हो जाते हैं। चालकों का कहना है कि उनसे टोल तो पूरा वसूला जा रहा है, लेकिन सुविधाएं नहीं दी जा रही हैं। ऐसा लगता है कि वह हाईवे पर नहीं साधारण सड़क पर चल रहे हैं। आटा टोल के मैनेजर अनिकेश श्रीवास्तव ने कहा कि हाईवे की किसी भी समस्या को ठीक करने के लिए एनएचआई की टीम लगी रहती है। सड़क को भी खराब होते ही सही करवा दिया जाता है। अगर कहीं स्थिति खराब है, तो उसे सही करवा दिया जाएगा।
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60 किमी में मिली एक एंबुलेंस, क्रेन नजर नहीं आई
आटा। जिले में स्थापित दो टोल प्लाजा पर मंगलवार से बढ़े दाम वसूले जा रहे हैं। सुविधाओं के नाम पर कुछ नजर नहीं आता है। हाईवे पर घायल को ले जाने वाली एंबुलेंस नजर नहीं आई। मंगलवार को कालपी से लेकर एट तक जब संवाद की टीम ने पड़ताल की तो पता चला कि हाईवे पर लोगों की सुरक्षा के लिए लगे वाहन गायब रहते हैं। साठ किलोमीटर के दायरे में आटा के पास एक एंबुलेंस खड़ी नजर आई। अगर हादसा हो जाए तो और कोई वाहन हाईवे पर मौजूद नहीं था। वहीं, वाहनों को हाईवे से हटाने के लिए प्रयोग होने वाली क्रेन भी गायब थी।



कालपी यमुना पुल से निकलने के बाद चौरासी गुंबद के पास सड़क उखड़ गई है। उसरगांव के पास सड़क इतनी खराब है कि यदि चालक ने वाहन की गति धीमी नहीं की तो हादसा होना तय है। बताते हैं कि हफ्ते में यहां कोई न कोई हादसा हो ही जाता है। गड्ढों में हाईवे तब्दील होने के बाद भी कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं। वहीं, चमारी के पास भी सड़क उखड़ी पड़ी है। आए दिन हादसे का खतरा बना रहता है।
एट से लेकर कैथेरी तक हाईवे जानलेवा बना हुआ है। जगह-जगह गड्ढे होने से आए दिन हादसे होते रहते हैं। इसके बावजूद एनएचएआई ध्यान नहीं दे रहा है। हादसा होने के बाद केवल खानापूरी की जाती है। हाईवे को पूरी तरह सही नहीं किया जा रहा है। लोगों का कहना है कि टोल कर तो हर साल बढ़ा दिया जाता है लेकिन सुविधाएं न के बराबर दी जाती हैं।
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