उरई। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद भी अधिकारी दस बजे अपने कार्यालय पर नहीं पहुंच रहे हैं। इससे लोगों को उनका इंतजार करना पड़ रहा है। जिलाधिकारी के कार्यालयों में लगातार निरीक्षण के बाद भी स्थिति नहीं सुधर रही है।
शुक्रवार को जिलाधिकारी के निरीक्षण में 48 अधिकारी व कर्मचारी अनुपस्थित मिले थे। इस पर उन्होंने सभी का एक दिन का वेतन काटते हुए स्पष्टीकरण मांगा था, लेकिन इसके बाद भी अधिकारियों कर्मचारियों की मनमानी थमने का नाम नहीं ले रही है।
सोमवार को अमर उजाला की टीम ने मुख्यालय स्थित कार्यालयों की पड़ताल की, तो देखा कि साढ़े दस बजे तक अधिकारी अपने कार्यालय में नहीं पहुंचे हैं। वहां मौजूद चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ने बताया कि साहब टाइम से आएंगे। कब आएंगे, यह किसी को पता नहीं हैं। लोगों का कहना है कि कड़ी कार्रवाई न होने से अधिकारी मनमर्जी पर उतारू हैं। डीएम राजेश कुमार पांडेय ने कहा कि कार्यालयों में आदतन देर से आने वाले अधिकारियों के लिए एडीएम व सीडीओ की अगुवाई में टीम बनाई गई है। इन अधिकारियों पर जांच करने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
पीडब्ल्यूडी के प्रांतीय खंड कार्यालय के दरवाजे बंद, कब खुलेंगे पता नहीं
10 बजकर 15 मिनट पर पीडब्ल्यूडी कार्यालय पर जब टीम पहुंची तो देखा कि एक्सईएन अमित कुमार सक्सेना के कार्यालय के दरवाजे बंद हैं। पता किया तो बाहर बैठे चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ने बताया कि साहब अभी आए नहीं हैं, कब आएंगे जानकारी नहीं है। अंदर जाकर देखा तो एई कार्यालय की बाहर से कुंडी लगी थी। कोई भी जेई अपने कार्यालय में नहीं था। प्रधान लिपिक की कुर्सी खाली पड़ी थी। पूछने पर बताया गया कि वह सभी लोग अपने टाइम से आते हैं, पता नहीं कब आएंगे।
मनरेगा व लघु सिचाई कार्यालय में अधिकारियों की खाली पड़ी कुर्सियां
विकास भवन स्थित लघु सिचाई कार्यालय में एक्सईएन राजेश कुमार गुप्ता व डीसी मनरेगा रामेंद्र कुमार कुशवाह साढ़े दस बजे तक अपने स्थान पर नहीं पहुंचे थे। वहां कुछ चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी बाहर बैठे गपशप कर रहे थे। पूछने पर बताया कि साहब अभी आए नहीं हैं, आते ही होंगे। कब तक आएंगे, उन्हें पता नहीं है। लोगों का कहना है कि विकास भवन में अधिकारी अपने मनमुताबिक ही आते हैं। कई लोग तो इंतजार करने के बाद चले जाते हैं, लेकिन अधिकारी नहीं आते हैं।
जन्म- मृत्यु के कक्ष की नहीं सुधर रही स्थिति
नगर पालिका स्थित जन्म- मृत्यु के कक्ष का सुबह 10: 10 मिनट तक कक्ष का ताला नहीं खुला, जब टीम को कर्मचारियों ने देखा तो ताला खोल दिया, लेकिन उसमें तैनात कर्मचारी 10:15 तक नहीं पहुंचे। स्वच्छ भारत मिशन कक्ष में भी 10:15 तक ताला पड़ा रहा। ईओ स्वयं 10:08 मिनट पर पहुंचे। कालपी बस स्टैंड पर बिजली विभाग प्रथम ऊर्जा भवन में टीम पहुंची तो स्वयं अधिशासी अभियंता कक्ष में 10:20 मिनट पर नहीं थे। अन्य कर्मचारी धीरे धीरे पहुंच रहे थे।