उरई। शिवपुरी में बिजली के केबल से छूने वाले कई घरों में करंट दौड़ गया। इससे छत पर टहल रहा एक व्यक्ति झुलस गया। परिजनों ने तुंरत अस्पताल पहुंचाया। जब करंट की सूचना लाइनमैन को दी गई तो उसने फोन बंद कर लिया। जिससे मोहल्लेवाले नाराज होकर नारेबाजी करने लगे। सूचना पर एसडीओ और लाइनमैन मौके पहुंचे। लाइनमैन से लोगों की नोकझोंक हो गई। एसडीओ ने केबल बदलने का आश्वासन दिया, तब लोग शांत हुए। मोहल्ले वालों ने डीएम से शिकायत की।
उरई के शिवपुरी फीडर में करीब 100 घरों से सटी हुई बिजली की केबल पड़ी है। जो खंभों की जगह घरों के छज्जों पर लटकी है। इन घरों के लोग डर के साए में जीते हैं और उन्होंने छतों पर जाना तक बंद कर दिया है। शनिवार सुबह करीब सात बजे मोहल्ला निवासी अमित कुमार के पिता दुर्गाप्रसाद छत पर टहल रहे थे। उन्होंने जैसे ही छज्जे को छुआ तो करंट से अचेत होकर गिर पड़े। परिजन अस्पताल लेकर गए। घटना की जानकारी पर गली के लोग इकट्ठा हो गए। बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।
सभासद प्रतिनिधि अशरफ अंसारी ने जब केबल बदलने के लिए लाइनमैन को कॉल किया तो लाइनमैन ने फोन बंद कर लिया। इसके बाद एसडीओ को जानकारी दी गई। सूचना पाकर एसडीओ रिषभ राजपूत, जेई मुकुल वर्मा मौके पर पहुंचे। उन्होंने मोहल्लेवालों से बात की। सभी ने अपनी-अपनी समस्या रखी और जगह-जगह जर्जर हो चुकी केबल दिखाई। इस पर उन्होंने कर्मचारियों को फटकार लगाई कि इतनी जर्जर केबल हो जाने के बाद भी इसे क्यों नहीं बदला गया। उन्होंने आश्वासन दिया कि 24 घंटे के अंदर केबल बदल जाएगी। तब जाकर लोगों का गुस्सा शांत हुआ।
लाइनमैनों से हुई नोकझोंक
एसडीओ के आने से पहले दो लाइनमैन मौके पर पहुंचे। उन्हें देखकर लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। उन्होंने कॉल न उठाने का कारण पूछा तो लाइनमैन बोले कि हमारी कोई जिम्मेदारी नहीं है। आप जेई, एसडीओ से बात करो। इस पर नोकझोंक होने लगी। तभी एसडीओ पहुंच गए। उन्होंने लाइनमैन का मोबाइल देखा। जिसमें सभासद प्रतिनिधि के नंबर ब्लैक लिस्ट में मिले। जिस पर उन्होंने फटकार लगाई और कार्रवाई की बात कही।
डीएम के पास भी की गई शिकायत
अमित कुमार ने डीएम के पास शिकायत करते हुए बताया कि उनके घर में बड़ी दुर्घटना हो सकती थी। मोहल्ले में सभी घरों के बाहर खुले केबल लटके हैं। सभी के मकानों में आए दिन करंट दौड़ता रहता है। शनिवार को भी कई घरों में करंट दौड़ गया था। जिससे उनके पिता झुलस गए हैं। जब अधिकारियों से शिकायत करो तो कोई सुनवाई नहीं करता है। लाइनमैन फोन बंद रखते हैं। उन्होंने जांच करके कार्रवाई करने की मांग की।
तार खुले होने से सताता रहता है डर
राहुल ने बताया कि उनके छज्जे से खुले तार पड़े हुुए हैं। घर में छोटे-छोटे बच्चे हैं। कभी भी कोई हादसा हो सकता है। बच्चों को छज्जे के पास तक नहीं जाने देते हैं। रोजाना केबल में आग लगती है। पानी डालकर बुझाते हैं। सूचना देने पर भी कोई कर्मचारी नहीं आता है। दुर्गा प्रसाद ने बताया कि छज्जे पर हाथ रखने के साथ ही जोर का झटका लगा। सौभाग्यवश पास में उनका पुत्र खड़ा था नहीं तो वह नीचे गिर सकते थे। उन्होंने बताया कि बिजली के खुले बॉक्स तक उनकी छतों पर रखे हैं। पिछले महीने खंभे में करंट आने से गाय मर गई थी।
वर्जन-
शिकायत आई थी। एसडीओ को भेजकर दिखवाया गया है। केबल को जल्द से जल्द बदल दिया जाएगा। अगर किसी कर्मचारी ने लापरवाही की है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। -
जितेंद्र नाथ, अधिशासी अभियंता, बिजली विभाग