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बिजली किल्लत पर भड़के ग्रामीण

Sun, 21 May 2017 11:37 PM IST
अमर उजाला जालौन
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सरावन मेन बाजार में नारेबाजी करते आक्रोशित ग्रामीण। - फोटो : अमर उजाला
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ग्रामीण अंचलों में योगी सरकार के आदेश का पालन नहीं हो रहा है। हालात यह हैं कि 18 घंटे तो दूर, आठ घंटे भी बिजली नहीं मिल पा रही है। बिजली संकट को लेकर सरावन के ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। मुख्य बाजार में जाम लगाकर अफसरों के खिलाफ नारेबाजी की। ग्रामीणों ने अल्टीमेटम दिया कि यदि जल्द ही बिजली में सुधार न हुआ तो अफसरों का घेराव करेंगे। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन को ज्ञापन भी भेजा।
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ग्रामीण जाकिर मंसूरी, राजकुमार सिंह, प्रभात प्रताप सिंह, विनय प्रताप सिंह, गिरजा शंकर, सुरेश गुप्ता, नासिर मंसूरी इत्यादि बड़ी संख्या में मेन बाजार पहुंचे और वहां पर जाम लगाकर अफसरों के खिलाफ प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का कहना है कि प्रदेश सरकार ने ग्रामीण इलाकों में 18 घंटे बिजली आपूर्ति देने का फरमान जारी किया है, लेकिन यहां 18 घंटे तो दूर, आठ घंटे भी बिजली भी मिल रही है।

भीषण गर्मी में बिजली न मिलने की वजह से पानी संकट खड़ा हो रहा है। नलों में पानी न आने की वजह से लोगों को दूरदराज के इलाकों से पानी भरकर लाना पड़ रहा है। वहीं, बिजली कटौती से कूलर, पंखे भी उमस भरी गर्मी में ठीक ढंग से नहीं चल पा रहे हैं। ग्रामीणों ने डीएम एनएस पांडे को भेजे शिकायती पत्र में बताया कि प्रदेश सरकार की ओर से जारी किए गए फरमान पर अमल कराया जाए, जिससे ग्रामीण अंचलों में बिजली आपूर्ति की जाए।
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अक्सर होते फाल्ट, फूटती चिंगारी
ग्रामीणों ने बिजली विभाग के अफसरों पर जमकर आरोप लगाए। गुस्साएं ग्रामीणों ने कहा कि सरावन व आसपास के इलाकों में लंबे समय से जर्जर तार झूल रहे हैं, जिनके जरा सी हवा में तारों के आपस में टकराने की वजह से फाल्ट हो जाते हैं और हफ्तों बिजली आपूर्ति बाधित रहती है।

हादसों से सबक नहीं ले रहा विभाग
ग्रामीणों ने बताया कि कई बार इलाकों में सालों से लटक रहे जर्जर तारों से हादसे हो चुके हैं। पिछले दिनों खेत में एक किसान की चपेट में आकर मौत हो गई थी। मवेशी भी झुलस गए थे। इसके अलावा भी कई घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन विभागीय अधिकारी सबक नहीं ले रहे हैं। इसका खामियाजा ग्रामीणों व मवेशियों को भुगतना पड़ रहा है।
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