मुहम्मदाबाद (उरई)। शोक सभा में शामिल होने जा रहे पूर्व फौजी व बिजली विभाग में आपरेटर की बाइक अनियंत्रित होकर नहर की रेलिंग से टकराकर नहर में गिर गई। राहगीरों की सूचना पर सुबह से देर शाम तक गोताखोर व पुलिस नहर में उसकी तलाश करने में जुटी रही। खबर लिखे जाने तक नहर से बाइक मिल गई पर उसका कहीं पता नहीं चला। वहीं, सूचना पाकर बदहवास परिजन भी नहर किनारे उसके मिलने की आस में बैठे है।
माधौगढ़ कोतवाली क्षेत्र के ईगुई गांव निवासी ज्ञानेंद्र सिंह राजावत (50) शहर के मोहल्ला सुशील नगर में पिछले कई वर्षों से मकान बना कर रह रहे थे। वर्तमान में बिजली विभाग में आपरेटर के पद पर कुसमिलिया गांव में तैनात थे।
रविवार को वह उरई आए थे और सोमवार सुबह सात बजे वह डकोर निवासी लाइनमैन रमेश के पिता की मौत पर शोक जताने जा रहे थे। जब उनकी बाइक डकोर नहर के पास पहुंची तभी अनियंत्रित होकर बाइक रेलिंग से टकरा गई और वह बाइक समेत नहर में गिर गए।
राहगीरों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने क्षेत्रीय गोताखोरों की मदद से तलाश शुरू की। जिससे बाइक व उसका जूता मिल गया। जबकि उसका कहीं पता नहीं चला। पुलिस ने लगभग तीन चार किलोमीटर दूर तक उसकी तलाश कराई पर तेज बहाव के चलते उसका कहीं पता नहीं चला।
थानाध्यक्ष समीर सिंह का कहना है कि कालपी से भी गोताखोरों की टीम बुलाई गई है तलाश की जा रही है। परिजनों ने बताया कि ज्ञानेंद्र सेना से सेवानिवृत्त हुए थे और अब बिजली विभाग में आपरेटर के पद पर तैनात थे। इनसेट
पुलिया निर्माण में लापरवाही से आए दिन हो रहे हादसे
क्षेत्रीय ग्रामीणों ने बताया कि फोरलेन का निर्माण कर रही कार्यदयी संस्था ने डकोर के पास निकली नहर पुलिया को बनाने में मानकों की अनदेखी की है। पुलिया से निकलने के लिए आने जाने वाले रास्ते अलग-अलग है। जिसके चलते बीच में जगह खाली छूटी पड़ी है। जिससे आए दिन वाहन रेलिंग से टकराकर दोनों पुलिया के बीच से होकर नहर में गिर जाते है। इसको लेकर क्षेत्रीय लोगों में खासी नाराजगी है।