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एक बार फिर डर व तनाव के बीच होगी परीक्षा

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आटा। यूपी में सीबीएसई और सीआईएससीई बोर्ड परीक्षा की परीक्षाएं आठ मई से घोषित हो गई है। परीक्षा घोषित होने से परीक्षार्थी इस समय दोहरे तनाव में है। एक तो साल भर से स्कूल बंद होने से ऑनलाइन पढ़ाई करके किसी तरह कोर्स पूरा कराया गया, जिससें छात्रों में आत्मविश्वास की कमी आ गई है। वहीं कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच पेपर देना भी उनको तनाव दे रहा है।
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बता दें कि पिछले साल भी कोरोना संकट से बीच छात्रों को परीक्षा देना पड़ा था। इसके बाद से ही कोरोना संकट के बीच पढ़ाई भी अनियमित रही है। कोरोना काल में पिछले साल स्कूल बंद होने से सबसे ज्यादा दिक्कत बोर्ड परीक्षाथियों को हुई है। बोर्ड ने भले ही कोर्स कम किया हो, लेकिन छात्र कहीं न कहीं पढ़ाई से संतुष्ट नहीं है। वहीं यूपी बोर्ड के छात्रों का हाल और भी खराब है। आटा बीएमटी इंटर कालेज के शिक्षक परमेशरी दयाल का कहना है कि बढ़ते संक्रमण के चलते इस बार शिक्षक और छात्र सभी परीक्षा को लेकर तनाव में है। पेपर देना चुनौतीपूर्ण होगा वहीं छात्र भी परीक्षा को लेकर काफी तनाव में दिख रहे हैं।
मेघा तिवारी, क्लास 12, स्कूल बीएमटी इंटर कॉलेज आटा, निवासी उसरगांव का कहना है कि बोर्ड परीक्षा नजदीक हैं और जिले में कोरोना के मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही। इससे मन में परीक्षा को लेकर एक डर बना हुआ है।
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राज तिवारी निवासी आटा, गांधी इंटर कालेज उरई में इंटरमीडियट के छात्र हैं। उनका कहना है कि साल भर से घर पर बैठकर ऑनलाइन पढ़ाई की है, लेकिन स्कूल की अपेक्षा ऑनलाइन पढ़ाई में वो बात नहीं है।
आटा के निवासी साक्षी शुक्ला बीएमटी इंटर कॉलेज आटा में हाईस्कूल की छात्रा है। उनका कहना है, कि कोरोना के चलते एक साल की पढ़ाई बर्बाद हो गई। पढ़ाई ऑनलाइन की है। अब परीक्षा में देखते हैं क्या होता है।
हाईस्कूल के छात्र शिवम गौतम बीएमटी इंटर कालेज आटा के छात्र है। कहना है कि कोरोना के मामले लगातर बढ़ रहे है। कोरोना के कारण पढ़ाई सही तरह से नहीं हो पाई है। पूरे साल स्कूल जा नहीं पाए। परीक्षा का तनाव है।
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