मंडैया अंगदेला का निरीक्षण करते बीएसए प्रेमचंद यादव।
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उरई। जिले में माधौगढ़ व रामपुरा ब्लाक में संचालित स्कूलों में शिक्षकों के गायब रहने की शिकायत पर शुक्रवार को बीएसए ने दो दर्जन से अधिक स्कूलों का निरीक्षण किया। इसमें गैरहाजिर मिले 17 शिक्षकों का वेतन रोककर उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया। जो विद्यालय बंद मिले, उनके पूरे स्टाफ का वेतन रोका गया। प्राइमरी स्कूल रिठौरा में तैनात शिक्षिका कीर्तिलता तो दो साल से स्कूल ही नहीं जा रही थी। उनकी सेवा समाप्ति की कार्रवाई की जा रही है।
बीएसए प्रेमचंद यादव ने शुक्रवार को दोनों ब्लाकों के करीब 25 स्कूलों का निरीक्षण किया। सबसे पहले वे कंपोजिट प्राथमिक विद्यालय रजपुरा में पहुंचे, यहां इंचार्ज प्रधानाध्यापक कमलेश दीक्षित गैरहाजिर मिले। पड़कुला विद्यालय में इंचार्ज प्रधानाध्यापक अशोक तिवारी, शिक्षिका आभा, प्रियंका, ब्रजेंद्र, शिक्षामित्र रणवेंद्र पाल, मधुबाला गैरहाजिर मिली। प्राइमरी स्कूल कुरसेड़ा व लक्ष्मणपुरा बंद मिला। सविलियन स्कूल कुरसेड़ा में प्रधानाध्यापिका साधना तिवारी, दिव्य ज्योत्सना गैरहाजिर मिले। प्राइमरी स्कूल कुसेपुरा में प्रधानाध्यापक प्रिंस मिश्रा, शिक्षामित्र भीमराव गैरहाजिर मिले। उच्च प्राथमिक स्कूल कदमपुरा में प्रधानाध्यापक विनय शंकर, प्राइमरी स्कूल राठौरनपुरा में प्रधानाध्यापक रमन मिश्रा, शिक्षक अनुज मिश्रा, शिक्षामित्र रंजीत गैरहाजिर मिले। प्राइमरी स्कूल रिठौरा में शिक्षिका कीर्तिलता गैरहाजिर मिली। प्राइमरी स्कूल सिद्धपुरा में शिक्षक आशुतोष पटेल, उच्च प्राथमिक विद्यालय सिद्धपुरा अनुदेशक सतीश के गैरहाजिर मिलने पर उनका वेतन रोककर स्पष्टीकरण मांगा गया। इसके अलावा बीएसए ने प्राइमरी स्कूल चितौरा, उच्च प्राथमिक विद्यालय मिहौनी, राठौरनपुरा, प्राइमरी स्कूल नरौल, कदमपुरा, मड़ैया अंगदेला, संदरपुरा, भैलावली, निनावली, मुरलीपुरा, भीकमपुरा निरीक्षण किया। बीएसए ने बताया कि निनावली और जखेता आदि कुछ विद्यालयों को लेकर जो शिकायतें मिली थी, वे गलत पाई गई। उक्त दोनों विद्यालय सुचारु से चलते पाए गए।