उरई। ई-रिक्शा चलाने के लिए प्रशिक्षण और लाइसेंस बनवाने के लिए झांसी भेजे जाने से नाराज ई-रिक्शा चालकों ने विरोध किया। जिला पंचायत अध्यक्ष घनश्याम अनुरागी से अपनी बात रखी। एआरटीओ से बात करने के बाद उनको प्रशिक्षण और लाइसेंस के लिए शहर में ही शिविर लगाए जाने को लेकर आश्वस्त किया गया।
शुक्रवार की सुबह 10 बजे ई-रिक्शा चालक अपने-अपने ई-रिक्शा लेकर जिला पंचायत अध्यक्ष घनश्याम अनुरागी के आवास पर पहुंचे। ई-रिक्शा खड़ा करके नारेबाजी करने लगे। प्रशिक्षण को लेकर विरोध किया। उन्होंने ई-रिक्शा चालकों को समस्याएं सुनीं। ई-रिक्शा चालकों ने बताया कि लाइसेंस बनवाने के लिए झांसी में प्रशिक्षण उत्तर प्रदेश प्राविधिक प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान द्वारा दिया जा रहा है। 10 दिवसीय प्रशिक्षण लेने के लिए वह कैसे जाएंगे। रोज कमाने खाने वाले हैं। झांसी में अलग से खर्च आएगा। इसके साथ ही जो लाइसेंस पुराने बने हैं। उन्हें फिर से बनवाया जा रहा है। इससे लिए उनके पैसे मांगे जा रहे हैं।
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चालकों की बात-
कहां रहेंगे 10 दिन
सुनील सिंह ने बताया कि झांसी जाने के लिए अलग से खर्च होगा। शहर में कहीं भी प्रशिक्षण हो जाएगा। इससे काम भी होता रहेगा। प्रशिक्षण ले आएंगे।
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लाइसेंस पर किया जा रहा परेशान
वीरेंद्र कुमार ने बताया कि पहले से ही लाइसेंस बना है। प्रशिक्षण के बाद फिर से लाइसेंस बनवाने की बात कही जा रही है। इसमें फिर से पैसे देने होंगे।
अगर शहर में कहीं भी परिवहन विभाग प्रशिक्षण के लिए जगह दे देता है तो प्रशिक्षण यहीं पर दे दिया जाएगा। इसके लिए रूम से लेकर स्टॉफ की जरूरत होगी। झांसी में ट्रेनिंग सेंटर है। इस लिए वह पर ले जाया जा रहा था।
अनिल मैसी, ट्रेनर
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संस्था से बातचीत की जा रही है। जो व्यवस्था होगी उसको किया जाएगा। चालकों को झांसी नहीं जाना होगा। जल्द प्रशिक्षण शुरू होंगे। लाइसेंस में भी कोई समस्या नहीं आएगी। प्राथमिकता के साथ उनके लाइसेंस बनेंगे।
सौरभ कुमार, एआरटीओ, प्रशासन