उरई (जालौन)। सरसौखी से उसरगांव रेलवे स्टेशन का दोहरीकरण का काम पहली मार्च तक पूरा कर लिया जाएगा और 31 मार्च के पहले सीआरएस निरीक्षण भी कराकर लाइन चालू कर दी जाएगी, ताकि उरई यार्ड में दोहरीकरण के काम के दौरान ट्रेन संचालन में दिक्कत न हो। उरई स्टेशन पर दोहरीकरण का काम भी होली के बाद शुरू हो जाएगा। यह बात सोमवार देर शाम अहमदाबाद से दरभंगा जाने वाली साबरमती एक्सप्रेस में लगे स्पेशल सैलून से कानपुर की ओर जा रहे झांसी मंडल के डीआरएम संदीप माथुर ने पत्रकारों से कही।
उन्होंने बताया कि सरसौखी स्टेशन से ट्रेनों का संचालन अगले महीने हर हाल में शुरू कर दिया जाएगा। दोहरीकरण के दौरान ट्रेनें सरसौखी स्टेशन पर रोकी जाएंगी ताकि उरई यार्ड में काम प्रभावित न हो। उरई स्टेशन में दो ही लाइन रहेंगी, जिसमें एक मेन लाइन और दूसरी लूप लाइन होगी। जिसमें सिर्फ सवारी ट्रेनों का ही ठहराव रहेगा। मालगाड़ी धीरे-धीरे उरई में बिना रोके निकाल दी जाएगी। जरूरी होने पर ही मालगाड़ियों को उरई भुआ, सरसौखी में रोका जाएगा। नंदखास और एरच रोड में भी अधूरे काम को भी इसी दौरान पूरा कराने का प्रयास किया जाएगा। इसके चलते कुछ ट्रेनों का निरस्तीकरण भी हो सकता है।
इसकी सूचना जल्द दी जाएगी। उरई स्टेशन पर दोहरीकरण का काम होली के बाद शुरू हो जाएगा। महिला कोच में पुरुष यात्रियों के घुसने के सवाल पर कहा कि यह गलत है। संबंधित विभागों को निर्देशित किया जाएगा कि महिला कोच में पुरुष यात्रियों को घुसने से रोकें, साथ ही उन्हें जागरूक भी करें। महाकाल एक्सप्रेस के उरई स्टेशन पर ठहराव के सवाल पर डीआरएम ने कहा कि यह वीआईपी ट्रेन है और ठहराव संबंधी निर्णय भी रेलवे बोर्ड को लेना है। वे इस बारे में कुछ नहीं कह सकते है। ट्रेन साइड वेडिंग योजना की प्रशंसा कर कहा कि इससे अवैध वेंडरों पर लगाम लगी है।
टूटे कूड़ेदान देखकर डीआरएम भड़के
प्लेटफार्म पर डीआरएम को टूटे कूड़े दान दिखाई दिए। उन पर न तो सूखे और गीले कचरे के लिए लगाई जाने वाली पालीथिन थी और न ही कूड़ेदान साफ थे। इसे लेकर उन्होंने नाराजगी जताकर अधिकारियों को फटकारा। इसके अलावा प्लेटफार्म पर पर्याप्त रोशनी न मिलने पर भी नाराजगी जताते हुए दुरुस्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने कोच डिस्प्ले भी हर हाल में ट्रेन आने के दौरान चालू रखने के निर्देश दिए।
दोहरीकरण के दौरान उरई स्टेशन पर होंगे यह काम
फुट ओवरब्रिज की लंबाई और चौड़ाई बढ़ेगी। प्लेटफार्म का विस्तार के साथ ही दो नए प्लेटफार्म भी बनाए जाएंगे। अप और डाउन ट्रैक के लिए दो मेन व लूप लाइन बनाई जाएगी। गोदाम की नई बिल्डिंग बनेगी, यार्ड भी बनाया जाएगा। दोहरीकरण के बाद ट्रेनों का संचालन भी नई बिल्डिंग से होगा। सभी प्लेटफार्म पर टीनशेड और शौचालय, वाटर बूथ आदि भी बनाए जाएंगे।