नवनिर्वाचित जिला पंचायत अध्यक्ष सुमन निरंजन की अध्यक्षता में शुक्रवार को सदन की पहली बैठक बुलाई गई। इसमें सदस्यों ने जिला पंचायत संचालन समिति व जिला पंचायत प्रशासन को निशाने पर रखा। ट्रैक्टर, टैंकर की खरीद में घालमेल का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की गई। इसके अलावा निर्माण कार्यों व ठेकेदार पंजीयन में की गई मनमानी को
लेकर सदस्यों ने जांच की मांग की। बैठक मेें अपर मुख्य अधिकारी सदस्यों की बात पर सफाई देते नजर आए। अध्यक्ष ने सदस्यों को जांच कराने का भरोसा दिया है।
जिला पंचायत सभागार में हुई बोर्ड बैठक की शुरुआत सदस्यों एवं अधिकारियों के परिचय से हुई। इसके बाद सदन के सामने क्षेत्र के विकास और जिला पंचायत में कराए गए कार्यों में
घालमेल का मुद्दा उठाया गया। सदस्य रविंद्र सिंह ने ट्रैक्टर, टैंकर खरीद में घालमेल का आरोप लगाया। कहा गया कि कई गुना अधिक कीमत में टैंकरों की खरीद हुई। इसके अलावा निर्माण कार्यों में भी मानक के साथ खिलवाड़ किया गया। इस पर सदस्य शिशुपाल सिंह यादव, उमा देवी, संध्या यादव, रामकुमार गुप्ता, पुष्पेंद्र सिंह सेंगर समेत अन्य सदस्यों ने भी
कहा कि इस पूरे प्रकरण की जांच की जानी चाहिए। सदस्यों ने नवीन ठेकेदारों के मनमाने तरीके से पंजीयन पर भी एतराज जताया और कहा कि इसकी जांच कराई जाए। इस पर एएमओ सफाई देते नजर आए। हैंडपंप में सबमर्सिबल डालने वालों पर कार्रवाई की मांग पर डीडीओ आरएस गौतम ने सदन से कहा कि इसके लिए तहसील स्तर पर कमेटी गठित है।
कमेटी की रिपोर्ट पर कार्रवाई की जा रही है। समिति से भी शिकायत की जा सकती है। जग्गमनपुर सदस्य उमा देवी ने रपटा पुल से होने वाली समस्या के अलावा खराब सड़क के बनवाने की मांग रखी। संध्या मौखरी ने सदस्यों के कोटा में भी हैंडपंप दिए जाने की मांग रखी। रविंद्र ने भी क्षेत्र की पांच खराब सड़कों पर अधिकारियों का ध्यान आकर्षित किया।
सांसद भानु प्रताप वर्मा ने कहा कि योजना का लाभ पात्र व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। अधिकारियों की लापरवाही पर जनप्रतिनिधि आक्रोशित दिखे। बैठक में अध्यक्ष सुमन निरंजन ने कहा कि सदस्यों के आरोप सही हैं या गलत है इसका पता जांच के बाद ही चलेगा। उन्होंने सभी आरोपों की निष्पक्षता से जांच कराने का भरोसा दिया है। इसके लिए जल्द ही कमेटी
गठित करने की बात भी कही। बैठक में विधायक दयाशंकर वर्मा, संतराम कुशवाहा ने भी अपने सुझाव दिए। बैठक के दौरान सावित्री देवी, पूनम, अर्चना गौतम, रूपम गौतम, लतिका सिंह, आशना खातून, दीपराज गुर्जर, अशोक कुमार, मोहन, धर्मेंद्र, कृष्णपाल महंत के अलावा प्रतिनिधि के तौर पर सुरेंद्र मौखरी, सुदामा दीक्षित, देंवेंद्र निरंजन, अजहर वेग, शीलू गौतम के अलावा जिला विकास अधिकारी आरएस गौतम, पीडी चित्रसेन सिंह, एक्सईएन एसके श्रीवास्तव, जलनिगम सुखलाल समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
अपर मुख्य अधिकारी को आया गुस्सा
आरोपों की बौछार झेल रहे अपर मुख्य अधिकारी आर.एस यादव को उस समय गुस्सा आ गया जब माइक बीच में आवाज छोड़ रहा था। इस पर उन्होंने माइक ही फेंक दिया। सदन में उनका यह बर्ताव किसी को रास नहीं आया। इसके बाद वह अपनी सफाई देते रहे। ठेकेदारों के पंजीकरण के मामले में उन्होंने सदन को बताया कि संचालन समिति ने जो नाम दिए उन पर उन्होंने मोहर लगा दी। इसकी जांच के लिए वह तैयार हैं। सदस्यों ने कहा कि नियमानुसार काम कराए जाएं। जो काम नियम विरुद्ध हुए है उनकी जांच हर हाल मे कराई जाए।