उरई। बैंक से रुपये गबन करने के दोषी की सजा को जिला जज लल्लू सिंह ने भी बरकरार रखा है।
दोषी को 28 जून को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट महेंद्र कुमार रावत की कोर्ट ने सुभाष चंद्र को सात साल की सजा के साथ ही 25 हजार रूपये जुर्माना लगाया था। वहीं सजा से बचने के लिए अभियुक्त ने बुधवार को जिला जज लल्लू सिंह के कोर्ट में अपील की।
जिला शासकीय अधिवक्ता लखनलाल निरंजन ने बताया कि 1992 में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के प्रबंधक प्रभाकर चौधरी ने बैंक में कैशियर के रुप में तैनात सुभाष चंद्र के खिलाफ बैंक से 56300 रुपये गबन करने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। यही नहीं सुभाष चंद्र के खिलाफ ऐर शखा प्रबंधक ने भी लाखों रुपये अलग-अलग खाते में भेजकर गबन करने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
पुलिस ने जिसमे दोनों मामलों ने आरोप पत्र न्यायालय दाखिल किए थे। इस मामले में कैशियर सुभाष चंद्र को दोषी पाते हुए पहले मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने दोषी ठहराते हुए सात साल की कैद और 25 हजार रुपये जुर्माना लगाया था। इसके विरोध में दोषी कैशियर ने जिला जज लल्लू सिंह की अदालत में अपील की थी। जिला जज ने उसकी अपील को खारिज करते हुए सजा को बरकरार रखा है।