उरई। शहर के मोहल्ला लहरियापुरवा में संचालित आश्रय गृह (शेल्टर होम) में अव्यवस्थाएं देखकर न्यायिक अधिकारी नाराज हो गए। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अंजू राजपूत ने नगर पालिका के ईओ विमलापति को मंगलवार को व्यक्तिगत रूप से अदालत में तलब किया है।
सोमवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अंजू राजपूत व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सविच राजीव सरन ने मोहल्ला लहरियापुरवा स्थित आश्रय गृह एवं राठ रोड में संचालित वृद्धाश्रम का औचक निरीक्षण किया। यहां आश्रितों के रहन-सहन, खानपान, चिकित्सा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, सुरक्षा और बुनियादी व्यवस्थाओं को परखा। लहरियापुरवा आश्रय स्थल पर मात्र चतुर्थश्रेणी कर्मचारी मिला। रजिस्टर में एक भी आश्रित पंजीकृत नहीं मिला। वृद्धाश्रम में कई संवासिनी अनुपस्थित मिले। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव राजीव सरन के सवालों का प्रबंधक कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दे सके। अभिलेख दुरुस्त न मिलने पर प्रबंधक रमेश सिंह भदौरिया को फटकार लगाते हुए कमियों को तत्काल दूर करने और भविष्य में लापरवाही न बरतने की हिदायत दी। वृद्धाश्रम की कई महिलाओं ने स्वास्थ्य संबंधी समस्या बताई। प्रबंधक एवं स्टाफ नर्स को इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।