उरई। जिला महिला अस्पताल में संविदा पर तैनात महिला चिकित्सक ने काम के दबाव में इस्तीफा दे दिया। अस्पताल में दो दिन से खलबली मची हुई है। एक मेडिकल लीगल केस (एमएलसी) के मामले में रात को ड्यूटी पर बुलाने को लेकर महिला चिकित्सक नाराज थीं और सुबह फिर उनकी ड्यूटी लगा दी गई। इससे नाराज संविदा चिकित्सक ने सीएमएस ऑफिस जाकर लिपिक को इस्तीफा दे दिया और चली गई।
महिला अस्पताल के एक पुरुष चिकित्सक ने नियमों का हवाला देते हुए कहा कि एमएलसी के केस महिला चिकित्सक ही करेंगी, पुरुष चिकित्सक नहीं। इस पर महिला चिकित्सक के नाते संविदा पर तैनात डॉ. अंशिका को बुलाया गया। जद्दोजहद के बाद वह अस्पताल पहुंची। इसके बाद उनकी ड्यूटी शुक्रवार को ओटी में लगा दी गई। इस पर उन्होंने नाराजगी जाहिर की और इस्तीफा लिखकर सीएमएस कार्यालय में जाकर लिपिक को सौंप दिया और चली गई। सीएमएस डॉ. एसके पाल का कहना है कि करीब 15 दिन पहले गाइड लाइन आई है, उसमें महिला एमएलसी के केस महिला चिकित्सक से ही कराने की बात कही गई है। इसके लिए संविदा चिकित्सक डॉ. अंशिका और जगम्मनपुर (रामपुरा) में तैनात डॉ. नीलम की रोस्टरवार ड्यूटी लगाई गई है। इस्तीफा देने पर उसने बात की गई है। हालांकि वह शनिवार को अस्पताल आकर ओपीडी में बैठीं भी रही।