आटा। डीजल के बढ़े दामों का असर उद्योग व ट्रांसपोर्ट कारोबार पर ही नहीं बल्कि खेती पर भी पड़ा है। जिससे किसान परेशान है। डीजल के दामों में लगातार हो रही बढ़ोतरी से ट्रैक्टर मालिकों ने खेत की जोताई 50 रुपये बीघा महंगी कर दी है। इसके साथ ही नलकूप संचालक ने भी 50 रुपये प्रति घंटे के हिसाब से रुपये बढ़ा दिए हैं। जिससे किसान को एक बीघा खेत की जोताई पर अब 250 से 300 रुपये अतिरिक्त खर्च करने पड़ेंगे। जिससे आर्थिक तंगी से जूझ रहे किसानों की मुसीबत बढ़ गई है।
बता दें कि इस समय लगातार डीजल व पेट्रोल के दामों में बढ़ोतरी हो रही है। यह पहली बार हुई कि जब डीजल, पेट्रोल लगभग बराबर है। लगातार डीजल व पेट्रोल के दामों का असर आम जनमानस पर पड़ने लगा है। दामों के बढ़ने से प्रभाव कारोबार के साथ-साथ खेती पर ही पड़ने लगा है। स्थिति यह है कि खरीफ की फसल का सीजन 15 जून से शुरू हो जाता है। इस सीजन में धान, तिलहन, उरद, मूंग, बाजरा आदि की फसल बोई जाती है। सीजन की पहली बारिश के बाद जोताई होने लगती है।
अगर बारिश सही समय पर न हुई तो नलकूप से सिंचाई कर खेतों की जोताई की जाती है। बता दें कि जिले में पहली बारिश हो चुकी है और खेतों में जोताई व खरीफ की फसलों की बोआई शुरू हो चुकी है। ऐसे में 20-22 दिनों से डीजल के दामों में लगातार बढ़ोतरी से किसान परेशान है। किसानों का कहना है कि फसल बोआई से पहले खेत में छह बार जोताई की जाती है। ट्रैक्टर संचालकों ने पिछले सीजन में 250 रुपये बीघा दर से ली जोताई ली थी, लेकिन इस बार 300 रुपये बीघा कर मांग कर दी है। इससे पांच बार जोताई में 1500 रुपये का अतिरिक्त खर्च किसान पर बढ़ेगा।
कर्ज लेकर करनी पड़ेगी बोआई
किसान डालचंद्र पांचाल का कहना है कि उनके पास 15 बीघा जमीन है, जिसकी जोताई के लिए उन्हें परेशान होना पड़ रहा है। डीजल के दामों में लगातार हो रही बढ़ोतरी से जोताई के लिए अधिक पैसों की मांग की जा रही है। उनका कहना है कि अब तक कर्ज लेकर ही बोआई करनी पड़ेगी।
सिंचाई को भी खर्च करने पड़ेंगे अतिरिक्त पैसे
महिला किसान प्रेमलता तिवारी ने बताया कि उनके पास 20 बीघा जमीन है। डीजल की कीमत की वजह से अभी तो जोताई में अतिरिक्त रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। अगर सही समय पर बारिश नही हुई तो सिंचाई के लिए भी अधिक पैसा खर्च करना पड़ेंगा।
बढ़ेगा प्रति बीघा का खर्च
राजूपाल ने बताया कि उनके पास 10 बीघा जमीन है। डीजल के दामों में लगातार बढ़ोतरी से फसलों की जोताई में जहां, पिछले सीजन में 59 रुपये में एक लीटर डीजल मिल जाता था और एक बीघा में करीब डेढ़ लीटर डीजल लगता था। अब यही डीजल 73 रुपये प्रति लीटर हो गया है। जिससे मुश्किल बढ़ेगी।
पिछली पैदावार कम होने पर पहले से ही थे परेशान
किसान प्रदीप तिवारी आटा ने बताया कि उनके हिस्से में 70 बीघा जमीन है। डीजल के दामों में बढ़ोतरी होने से जोताई करना मुश्किल हो गया है। पिछले सीजन में अधिक बारिश होने से फसलों में कम पैदावार हुई थी, जिससे किसान वैसे ही परेशान थे अब ऐसे में डीजल की बढ़ोतरी ने किसानों का मनोबल तोड़ दिया है।
राजू पाल- फोटो : ORAI
डालचंद- फोटो : ORAI
प्रेमलता तिवारी- फोटो : ORAI
खेत में ट्रैक्टर जुताई करता- फोटो : ORAI