नोटबंदी के बाद से परेशानी झेल रही जनता अब अव्यवस्थाओं की शिकार हो जान गंवाने को मजबूर है। बुधवार को ग्राम भेंड़ में सेंट्रल बैंक शाखा के बाहर पैसे निकालने को लाइन में खड़ा एक वृद्ध गश खाकर गिर पड़ा। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इसकी खबर फैलते ही सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण वहां जमा हो गए। सूचना पर कोतवाली पुलिस भी मौके पर पहुंच
गई लेकिन तभी हालात बेकाबू हो गए। गुस्साए ग्रामीण कोंच-जालौन रोड पर आ गए और जाम लगा दिया। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और लोग जाम में फंस कर रह गए। पुलिस ने समझाने का काफी प्रयास किया लेकिन प्रदर्शनकारी बड़े अधिकारियों को मौके पर बुलाने और मुआवजे की मांग पर अड़े रहे। अन्य थानों की भी पुलिस फोर्स मौके पर
पहुंच गई और मुआवजा दिलाने का आश्वासन देकर जाम खुलवाया गया। कोतवाली क्षेत्र के ग्राम भेंड़ में सेंट्रल बैंक की शाखा है जहां पिछले महीने भर से लोग रोज ही पैसे लेने के लिए लंबी-लंबी लाइनें लगा रहे हैं। बुधवार को भी लंबी कतार भुगतान पाने वालों की लगी थी और उसी में खड़ा था गांव का गंगाचरन अहिरवार (65) पुत्र जालिम सिंह। उसे भी बैंक से भुगतान
लेना था। सुबह तकरीबन साढे़ 11 बजे वह गश खाकर वहीं गिर गया। लोग कुछ समझ पाते। इससे पहले ही उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। बैंक के बाहर हुई इस मौत की खबर तेजी से गांव में फैल गई और देखते ही देखते वहां सैकड़ों लोग जमा हो गए। इसी बीच कोतवाली पुलिस को भी खबर मिल गई जिस पर सागर चौकी प्रभारी रवींद्र कुमार त्रिपाठी एक अन्य
दरोगा व सिपाहियों के साथ भेंड़ पहुंच गए और लोगों को समझाने का प्रयास करने लगे लेकिन लोग हंगामे पर उतारू हो उठे। इन्हीं में गुलाबी गिरोह की केशकली जो मृतक की बड़ी बहू बताई जा रही है, ने वहां हंगामा खड़ा कर दिया। इसके बाद बैंक प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू हो गई। गुस्साए लोगों ने कोंच-जालौन मार्ग पर आड़े तिरछे अवरोध डाल कर रोड जाम
कर दिया। थोड़ी ही देर में सड़क पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। इस हंगामे की सूचना पर पुलिस कप्तान डॉ. राकेश सिंह ने अन्य थानों की पुलिस को भी मौके पर रवाना कर दिया। कोतवाल देवेंद्र कुमार द्विवेदी, एसआई जयवीर सिंह, उदयपाल सिंह आदि भी भारी फोर्स के साथ पहुंच गए। उधर, सीओ जालौन अरुणकुमार सिंह, एट और जालौन थानों की फोर्स
ने भेंड़ पहुंच कर लोगों को समझाया। कहा कि शासन की ओर से जो भी आर्थिक सहायता होगी, वह मृतक के परिवार को उपलब्ध कराई जाएगी। इसके बाद ही जाम खुल सका। मृतक का पंचायतनामा भर कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।