उरई। झांसी-कानपुर रेलमार्ग पर यात्रियों को यात्रा करने में परेशानी हो रही है।
एक तरफ कोहरे का असर है तो दूसरी ओर लखनऊ मंडल के बाराबंकी स्टेशन के यार्ड को रीमॉडलिंग व सिकंदराबाद के पास भी ट्रैक के रखरखाव का काम चल रहा है। जिसके चलते झांसी-कानपुर की ओर से आने-जाने वाली ट्रेन प्रभावित हो रही हैं। कुछ ट्रेनों को निरस्त किया गया है। जिसमें ग्वालियर बरौनी छपरा मेल, मुंबई गोरखपुर एक्सप्रेस को शुक्रवार को निरस्त किया गया है।
वहीं, कई ट्रेनें 12 घंटे की अधिक देरी से आ रही हैं। जिसमें कोच्चिवैली से गोरखपुर जाने वाली राप्तीसागर एक्सप्रेस 12 घंटे देरी से पहुंची। गोरखपुर से कोच्चिवैली जाने वाली राप्तीसागर एक्सप्रेस तीन घंटे 40 मिनट की देरी से उरई पहुंची। गोरखपुर से मुंबई कुशीनगर एक्सप्रेस पांच घंटे, गोरखपुर से पुणे एक्सप्रेस नंबर 15029 भी सात घंटे 48 मिनट देरी से पहुंची।
गोरखपुर से मुंबई संत कबीरनगर एक्सप्रेस दो घंटे, लोकमान्य तिलक से छपरा (बिहार) जाने वाली अंत्योदय एक्सप्रेस एक घंटा 45 मिनट देरी से पहुंची। बनारस से अहमदाबाद साबरमती एक्सप्रेस दो घंटा 43 मिनट, लखनऊ से झांसी सात घंटे से अधिक देरी से पहुंची।
झांसी से कानपुर व कानपुर से झांसी मेमू ट्रेन भी एक-एक घंटे देरी से पहुंची। यात्रियों का कहना है कि ऐसी सर्दी के मौसम में ट्रेनों का लेट और निरस्तीकरण होना परेशानी भरा है। दूसरी ओर ट्रेनों के अधिक देरी से चलने के कारण सही जानकारी प्राप्त नहीं हो पाती है। स्टेशन अधीक्षक एसके खरे का कहना है कि ट्रैक के रखरखाव और कोहरे के चलते अप और डाउन की ट्रेनें देरी से आ रही हैं।