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Jalaun News: सजे शिवालय, गूंजे बम-बम भोले के जयकारे

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उरई/जालौन/कोंच/सरावन/आटा/माधौगढ़। जिले में शिव मंदिरों पर महाशिवरात्रि पर भक्तों का मेला लगता है। अलग अलग मंदिरों पर बम बम भोले की गूंज और जलाभिषेक को लेकर दिखने वाली होड़ देखने को मिलती है। कई मंदिरों पर भक्ति के अनूठे रूप दिखते हैं। काई शिव नृत्य कर भक्ति प्रदर्शित करता है तो कोई एक पैर पर खड़ा होकर शिव को खुश करता है। इसी तरह के कई दृश्य शिव मंदिरों पर देखने को मिलेंगे। सबसे ज्यादा भीड़ सरावन के भूरेश्वर मंदिर में भीड़ रहती है।
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नगर के नर्मेदेश्वर मंदिर के साथ ही मोहल्ला चौधरयाना में स्थित शिव मंदिर, संकटमोचन मंदिर, ब्लॉक परिसर में स्थित शिव मंदिर, सीएचसी स्थित शिव मंदिर व कोतवाली स्थित रक्षिकेश्वर आदि शिव मंदिरों पर आकर्षक झांकियां सजीं हैं। कोंच संवाद सहयोगी के अनुसार- गांधीनगर में स्थित अति प्राचीन महाकालेश्वर मंदिर में बिजली की झालरों को लगाया गया है। इसके साथ ही देवी देवताओं की मूर्तियों को सजाया गया है। चंदकुआ स्थित भूतेश्वर महादेव मंदिर, प्राचीन बक्सेश्वर, सिद्घेश्वर, पीपलेश्वर, मारकंडेयश्वर, सोमनाथ महादेव, झलापठा स्थित शिव मंदिर में भी सजावट के काम हुए हैं। माधौगढ़ के शिव मंदिर रामेश्वरम के नाम से विख्यात है। यहां काफी संख्या में शिवभक्त पहुुंचते हैं। आटा के पातालेश्वर मंदिर में भी सुबह से ही विशेष साफ सफाई कार्य कराए गए।




चमड़े की बेल्ट और पर्स वर्जित, धोती कुर्ता में आना होगा शिवभक्तों को
आटा। महाशिवरात्रि के दिन संदी गांव में बने ऐतिहासिक पातालेश्वर मंदिर में भक्तों को कुछ निर्देशों का पालन करना होता है। पंडित शंकर शरण शास्त्री ने बताया कि पूजन करने आने वाले भक्तों को चमड़े का पर्स और बेल्ट तो घर छोड़कर आना ही होगा साथ ही उन्हें धोती और कुर्ता पहनकर ही मंदिर में प्रवेश दिया जाएगा। सुबह नौ बजे सवा क्विंटल मेवा का यज्ञ होगा। जजमान के साथ ब्राह्मण शामिल होंगे। सभी पूर्णाहुति में शामिल होंगे। रात आठ बजे भगवान भोलेनाथ का रुद्राभिषेक होगा। सबसे पहले रूद्रभिषेक जजमान करेंगे। इसके बाद सभी लोग कर सकते हैं। रुद्राभिषेक निशुल्क होगा, लेकिन श्रद्धालुओं को पूजन की सामग्री अपने साथ लानी होगी। बुंदेलखंड के साथ दिल्ली, कानपुर, लखनऊ से श्रद्धालु आते हैं। मंदिर के पीछे पार्किंग की निशुल्क व्यवस्था की गई है।
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