अन्ना जानवरों से अपनी फसल की रखवाली कर रहे कर्जदार किसान की ठंड लगने से
मौत हो गई। प्रधान प्रतिनिधि की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव पोस्टमार्टम
के लिए भेज दिया। परिजनों के मुताबिक वह आर्थ्क तंगी से भी जूझ रहा था।
एसडीएम एबी सिंह का कहना है कि प्रथम दृष्टया किसान की मौत बीमारी से लग
रही है।
डकोर ब्लाक के बीहड़ के गांवों में किसान अन्ना जानवरों से
फसलों की रखवाली के लिए रात में भी खेत पर रुक रहे हैं। ग्राम रमपुरा
निवासी 65 वर्षीय किसान तेजराम प्रजापति भी रविवार को देर रात खेत में बनी
झोपड़ी में ठहरकर फसल की रखवाली कर रहा था। देर रात ठंड से उसकी तबीयत
बिगड़ गई। इसकी जानकारी पर अन्य किसानों ने परिजनों को सूचना
दी। परिजन उसे
स्वास्थ्य केंद्र ले जा रहे थे लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया।
इसकी जानकारी होने पर ग्राम प्रधान प्रतिनिधि रमपुरा-ऐरी ओमकार पाल ने
कोतवाली डकोर के अलावा डीएम रामगणेश को भी घटना की सूचना दी।
जिलाधिकारी ने
जांच के लिये कानूनगो दिनेश श्रीवास्तव व लेखपाल रामधीरज को पहुंचने के
निर्देश दिए। इसके बाद पहुंची डकोर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिये भेज
दिया है। इस संबंध में एसडीएम एबी सिंह ने बताया कि किसान की मौत की वजह
बीमारी बताई जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्थिति पूरी तरह से
स्पष्ट होगी।
कर्ज से भी दबा था किसान
मृतक के पुत्र बलखंडी
प्रजापति ने बताया कि सूखे से लगभग चार साल से पैदावार न होने से पिता बेहद
चिंतित रहते थे और इस बार बीज, खाद, जुताई, बुवाई के लिये उन्होंने उरई
राठ रोड स्थित इलाहाबाद बैंक की मंडी शाखा उरई से लगभग डेढ़ लाख रुपये भी
किसान क्रेडिट कार्ड से कर्ज लिया था। इसके अलावा एक एकड़ जमीन का भी
मुहायदा कर पैसा ले रखा है। जिसे चुकाने की चिंता उन्हें रहती थी।
पहले भी ठंड ले चुकी किसान की जान
13
जनवरी को भी ठंड से किसान की मौत हुई थी। कस्बा डकोर निवासी सोबरन सिंह
(58) खेत में फसलों की रखवाली कर रहे थे। इस दौरान ठंड लगने पर उन्हें
मेडिकल कॉलेज लाया गया। वहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी।