फसल को अन्ना जानवरों से बचाने के लिए एक किसान ने खेत के चारों ओर तार
खींचकर उसमें हाईटेंशन करंट दौड़ा दिया। इसकी चपेट में आकर मंगलवार को 11
गायों की मौत हो गई। इससे आक्रोशित बजरंग दल के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने
जालौन-उरई मार्ग पर जाम लगा दिया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।
दो घंटे से अधिक समय तक जाम लगा
रहा। सूचना पाकर सिटी मजिस्ट्रेट व सीओ
फोर्स के साथ पहुंचे और मांगों को एक सप्ताह में पूरा करने का आश्वासन देकर
जाम खुलवाया। जालौन रोड स्थित आईटीआई कॉलेज के पास सड़क किनारे एक खेत में
फसल को अन्ना जानवरों से बचाने के लिए खेत मालिक ने खेत के चारों तरफ लोहे
के तार बांध दिए। इसके बाद खेत के पास से गुजरी हाइटेंशन लाइन में कटिया
डालकर
इन तारों में करंट दौड़ा दिया। मंगलवार को इस करंट की चपेट में आकर
11 गायों की मौत हो गई। जब इसकी भनक बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को लगी तो वह
आक्रोशित हो उठे। जिला संयोजक अखिलेश डीहा के नेतृत्व में सैकड़ों
कार्यकर्ताओं ने घटनास्थल के समीप सड़क पर जाम लगा दिया। दो घंटे तक बजरंग
दल के कार्यकर्ता प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते रहे।
जाम के कारण सड़क के
दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और कई किलोमीटर तक वाहन जाम में
फंस गए। जब यह खबर प्रशासनिक अधिकारियों को मिली तो वह हरकत में आ गए।
आनन-फानन में सिटी मजिस्ट्रेट पीके सक्सेना, सीओ सिटी जंगबहादुर यादव, शहर
कोतवाल आलोक सक्सेना फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और जाम खुलवाने का प्रयास
किया। सिटी
मजिस्ट्रेट ने आश्वासन दिया कि एक सप्ताह के अंदर जिले में
ग्राम स्तर पर गौशालाएं बना ली जाएंगी। इनमें अन्ना घूमने वाली गायों को
रखा जाएगा। इनके लिए चारा व भूसा का इंतजाम मनरेगा से किया जाएगा। सिटी
मजिस्ट्रेट ने यह भी
आश्वासन दिया कि संबंधित खेत मालिक के खिलाफ गौवध
अधिनियम व बिजली चोरी की रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई भी की जाएगी। इसके बाद
बजरंग दल के कार्यकर्ता शांत हुए और उन्होंने जाम खोल दिया। इससे प्रशासन
ने राहत की सांस ली। जाम लगाने वालों में अजय तिवारी, पिंटू यादव, शैलेंद्र
गौर, कुलदीप गौर, आदित्य, शीतल शर्मा, गोल्टू ठाकुर आदि शामिल रहे।