उरई। ओलावृष्टि, बारिश से फसल को 33 फीसदी से अधिक नुकसान में ही प्रशासन किसानों को मुआवजा देगा। शिकायत आने पर फसल का सर्वे किया जाएगा।
एडीएम वित्त व राजस्व संजय कुमार ने बताया कि मंगलवार को बारिश और ओलावृष्टि से किसानों की फसलों को नुकसान हुआ है। इसमें जालौन तहसील के ग्राम खनुवां, धनौरा कलां, खर्रा, कैथ, लहचूरा, धंतौली, कुंवरपुरा, गुपलापुर, हथनाखुर्द से शिकायतें मिली हैं। इसके अलावा तहसील कोंच के ग्राम भेड़, तीतरा, सदूपुरा, कनासी, अकनीबा, तहसील उरई के ग्राम धगुंवा कलां, मिनौराकालपी, तहसील माधौगढ़ के ग्राम कंझारी, तहसील कालपी के ग्राम सुनेहटा के किसानों ने शिकायत दर्ज कराई है।
बताया कि सूचना के अनुसार कई गांवों में किसानों की फसल क्षति 33 प्रतिशत से अधिक है। मुख्य फसल गेहूं का नुकसान कम है, लेकिन मटर, सरसों और चने की फसल का अधिक नुकसान हुआ है। इसमें जिलाधिकारी के निर्देशानुसार एडीएम वित्त, एसडीएम, तहसीलदार और अन्य राजस्व कर्मियों द्वारा अपने-अपने क्षेत्रो में स्थलीय निरीक्षण कर ओलावृष्टि से क्षति का आंकलन किया जाएगा।
33 फीसद से अधिक नुकसान पर सिंचित क्षेत्र में 17000 रुपये प्रति हेक्टेयर, असिंचित क्षेत्र में 8500 रुपये प्रति हेक्टेयर की धनराशि दी जाएगी। यह धनराशि न्यूनतम सिंचित क्षेत्र में 2000 रुपये व असिंचित क्षेत्र में 1000 रुपये बोये गये क्षेत्रों के अधीन निर्धारित है। कंट्रोल रूम नंबर 05162-257090 व 252516 शुरू किए गए हैं। किसान लेखपाल, तहसील व एसडीएम के यहां भी नुकसान दर्ज करा सकते हैं।
ओला गिरने से कई गांवों में नुकसान
कदौरा। बुधवार को क्षेत्र के भेड़ी खुर्द के किसान रामहेत सिंह, अमर सिंह, गंगाराम अहिरवार, मुन्ना सिंह, विक्रम सिंह, शिव प्रसाद सिंह, सुरेंद्र सिंह, रामकिशुन श्रीवास, जगवंदन सिंह, देवीदीन, कमल सिंह, धीरू सिंह ने बताया कि गेहू, मटर, सरसों, मसूर, चना आदि की फसल को नुकसान हुआ है। बारिश और ओले से फसल नष्ट हो गई है। बड़ागांव, डाले का पुरवा, चतेला, इटौरा बावनी, जमरेही, इकौना, निश्बापुर, रैला, मवई अहीर सहित दर्जनों गांवों में भी ओला गिरने से किसानों की फसल को नुकसान हुआ है।
एसडीएम ने नुकसान का लिया जायजा
जालौन। बुधवार को एसडीएम ने ओलावृष्टि से प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण कर नुकसान का जायजा लिया। ब्लॉक के खनुआं, कैंथ, धनौरा, कुंवरपुरा, सिहारी पड़ैया आदि गांवों में ओले गिरने से किसानों की मटर, चना, मसूर आदि फसलों को नुकसान हुआ था। एसडीएम अतुल कुमार ने इन गांवों में प्रभावित हुई फसलों का जायजा लिया। एसडीएम ने बताया कि ओलावृष्टि से प्रभावित हुए क्षेत्र का निरीक्षण कर नुकसान की रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
मुआवजे की मांग
कोंच। तहसील क्षेत्र के सिवनी सदूपुरा, रामपुर सनेता, जरा, तीतरा खलीलपुर, भेंड़, रवा, खोवा समेत दर्जनों गांवों में ओले गिरने से कई किसानों को नुकसान पहुंचा है। किसान राजेंद्र सिंह निरंजन, दिनेश पाठक, रीबू मिश्रा ने बताया कि उनके खेत की फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है। आंधी और बारिश से फसलें गिर गईं। प्रशासन से मुआवजे की मांग की है।
गांव रामपुर सनेता के किसान राजेंद्र सिंह निरंजन ने बताया कि उनकी फसल को काफी नुकसान पहुंचा है। बीमा क्लेम मिलना चाहिए। किसान आशीष पाठक ने बताया कि उनकि मटर की फसल कटने के लिए तैयार थी। ओलावृष्टि से तैयार फसल को नुकसान पहुंचा है।
सरसों, मटर की फसलों को नुकसान
कालपी। मांगरोल गांव निवासी किसान राजकुमार रामदेव, महेवा निवासी किसान कैलाश सिंह सूरजपाल सुरेंद्र इंद्रपाल राज बहादुर आदि किसानों ने बताया उनकी फसलें तैयार थीं। मटर, सरसों, चना और मसूर की फसलों में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। गेहूं की फसलें भी खेतों में गिर गई हैं। इससे गेहूं की भी पैदावार कम होगी।
26 - उड़कर खेत में पहुंची गोशाला की टिन। संवाद
आंधी से उड़ गया गोशाला का टिनशेड
आटा। आंधी में गोशाला की टिनशेड उड़कर करीब एक किलोमीटर दूर खेत में जा गिरा। मंगलवार की शाम चार बजे के बाद काफी तेज आंधी आई थी। कदौरा ब्लॉक के ग्राम अमीसा की गोशाला में लगाई गई टिनशेड भी पाइपों को उखाड़ते हुए उड़ गई। प्रधान प्रतिनिधि राजकुमार पाल ने बताया कि बुधवार की सुबह गोशाला पहुंचे तो गोशाला की हालत आंधी की वजह से काफी खराब थी। गोशाला में 110 गोवंश संरक्षित हैं। जो टिनशेड लगाए थे, आंधी में उड़ गए।