उरई। ओलावृष्टि से नुकसान को लेकर तीन अलग-अलग संगठनों ने कलक्ट्रेट में ज्ञापन दिया। भाकियू ने किसान आंदोलन के समर्थन और एमएसपी कानून को लेकर गल्ली मंडी से कलक्ट्रेट तक बाइक जुलूस निकाला। केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
किसानों ने कहा जब तक एमएसपी कानून लागू नहीं होगा किसान शांत नहीं बैठेंगे। सरकार सड़कों पर चाहे जितनी बड़ी दीवार खड़ी कर दे। किसान उसको तोड़कर दिल्ली पहुंच जाएंगे। किसानों ने अपनी मांगों का राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा। भाकियू के राष्ट्रीय महासचिव राजवीर सिंह जादौन ने कहा कि आज देश के सभी प्रांतों में भाकियू द्वारा विरोध प्रदर्शन मार्च निकला गया है। उनकी मांग है कि एमएसपी गारंटी कानून बनाया जाए। जब तक देश में एमएसपी कानून बनाकर लागू नहीं होगा। तब तक किसान शांत नहीं बैठेंगे।
जिले में हुई ओलावृष्टि से किसानों की फसल बर्बाद हो चुकी है। किसानों की फसलों का आंकलन कर उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए। इस दौरान जिलाध्यक्ष डॉ. द्विजेंद्र सिंह निरंजन, ब्रजेश राजपूत, सुरेश चौहान, रामकुमार पटेल, शिवबालक, चंद्रपाल सिंह आदि मौजूद रहे। अखिल भारतीय किसान महासभा ने भी किसान आंदोलन के समर्थन में राष्ट्रपति को संबोधित दो सूत्री ज्ञापन एडीएम संजय कुमार को दिया। इस दौरान प्रदेश उपाध्यक्ष राजीव कुशवाहा, रामसिंह चौधरी, हरीशंकर, लखनलाल, सुरेश चंद्र, ईश्वरी प्रसाद आदि मौजूद रहे।
उधर, भाजपा किसान मोर्चा के डकोर ब्ल़ॉक के पूर्व मंडल अध्यक्ष पुष्पेंद्र राजपूत के नेतृत्व में किसानों ने सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन दिया। इसमें किसानों की बर्बाद हुई फसलों का सर्वे कराकर जल्द मुआवजा देने की मांग की गई।