उरई। शहर के मोहल्ला राजेंद्र नगर में युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उसका शव घर के कमरे में पंखे के सहारे लटका मिला। वह घर पर अकेला था। पत्नी और बच्चे परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मंदिर गए थे। वापस आने पर दरवाजा नहीं खुला तो तोड़कर अंदर गए। शव देखकर घर में कोहराम मच गया। कोतवाल देवेंद्र द्विवेदी का कहना है कि आत्महत्या की वजह अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है। मामले की छानबीन की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
मोहल्ला राजेंद्र नगर निवासी अशोक कुमार ओमरे (40) पुत्र मइयादीन की शहर करमेर रोड पर नाई की दुकान थी। मंगलवार की सुबह उसकी पत्नी व तीन बच्चे मंदिर दर्शन के लिए गए थे। तभी घर में अकेले अशोक ने दरवाजा बंद कर कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पत्नी व बच्चे जब मंदिर से लौटे तो काफी देर खटखटाने के बाद भी दरवाजा नहीं खुला। आशंका होने पर उन्होंने मोहल्ले वालों को बुलाया। उनके काफी आवाजे लगाने के बाद भी जब कोई जवाब नहीं आया तो घर का दरवाजा तोड़ दिया। कमरे का भी दरवाजा बंद होने पर ऊपर लगी खिड़की से झांक कर देखा तो उसका शव पंखे से लटका हुआ था। यह देख घर में कोहराम मच गया। मोहल्ले वालों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने कमरे का दरवाजा तोड़ कर शव को फंदे से उतरवाया। पुलिस ने घरवालों से पूछताछ की लेकिन आत्महत्या की वजह किसी ने भी पता होने से इंकार कर दिया। पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। कोतवाल का कहना है कि परिजनों से पूछताछ की लेकिन अभी तक अशोक के आत्महत्या करने की वजह साफ नहीं हो पाई है। मामले की छानबीन की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।