बता दें कि कोतवाली क्षेत्र के देवकली गांव में छोटे (25) पुत्र लालजी निषाद की बुधवार की सुबह संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। परिजनों का आरोप था कि मंगलवार की रात छोटे ठेके से देसी शराब पीकर आया था, बाद में उसकी मौत हो गई। इससे पूर्व विक्की नाम के युवक की भी शराब पीने के बाद हालत बिगड़ चुकी है। इतना ही विक्की ने खुद को आग लगाने का भी प्रयास किया था।
इसी आक्रोश में छोटे का अंतिम संस्कार करने के बाद महिलाओं की भीड़ शराब ठेके के बाहर पहुंच गई। महिलाओं के तेवर देख सेल्समैन मौके से भाग निकला। इसके बाद महिलाओं ने ठेका संचालक और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। इसके बाद ठेके का सामान फर्नीचर और बोतलें आदि बाहर निकालकर उसमें आग लगा दी।
महिलाएं ठेका भी फूंकने के प्रयास में थी। जब तक तीन चार थानों का फोर्स पहुंच गया। इसके बाद महिलाओं को ठेके से दूर किया गया। महिलाओं ने बताया कि वे लोग काफी समय से शराब ठेके का विरोध करती आ रही है। ठेके के कारण कई घर बर्बाद हो चुके हैं। देसी शराब ठेका से गांव का माहौल खराब हो गया है। महिलाओं ने ज्ञापन देकर शराब ठेका हटवाने की मांग की। सीओ ने महिलाओं को भरोसा दिया कि ठेके को जल्द से जल्द हटाया जाएगा।
पुलिस से गुस्साई महिलाएं पहुंची चौकी
देसी शराब ठेके के सेल्समैन द्वारा कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद शुक्रवार को महिलाएं लामबंद होकर कोतवाली आईं और हल्का इंचार्ज सर्वेश कुमार को ज्ञापन देकर पुलिस कार्रवाई पर ऐतराज जताया। महिलाओं ने कहा कि नियम कायदों को दरकिनार कर 24 घंटे शराब ठेका खुला रहता है व ठेके से रैपर व मोनोग्राम चेंज कर जहरीली शराब बेची जाती है। शिकायत करो तो कार्रवाई नहीं होती है। चाहे कुछ हो अब गांव के अंदर शराब ठेका नही खुलने दिया जाएगा। इसके बाद महिलाएं सीओ गौतम से भी जाकर मिलीं।