उरई (जालौन)। जिला कारागार में दहेज हत्या के मामले में निरुद्ध महिला की बुधवार की देर रात तबियत बिगड़ गई। जेल का स्टाफ उसे जिला अस्पताल लाया जहां देर रात उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। सूचना पाकर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। जेल के डाक्टर का कहना है कि महिला बंदी शुगर की बीमारी से पीड़ित थी। उसका इलाज चल रहा था। महिला के पति ने जेल प्रशासन पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर मौत के मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। दो माह पहले ही एक पुरुष बंदी की भी मौत हो चुकी है।
शहर कोतवाली के मुहल्ला लहारियापुरवा निवासी मनोज कुमार की पत्नी राधा की बीती 11 मई को जहर खाने से मौत हो गई थी। इस पर राधा के पिता हरचरन निवासी नयापाठकपुरा उरई ने पति मनोज, ससुर बृजमोहन व सास बृहमा देवी के खिलाफ दहेज हत्या की रिपोर्ट उरई कोतवाली में दर्ज कराई थी। इस मामले में पुलिस ने तीनाें आरोपियाें को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। दो दिन पहले ही बृजमोहन जमानत पर छूटे हैं। बुधवार की रात महिला बैरक में निरु द्ध बृहमा देवी की संदिग्ध हालात में तबियत बिगड़ गई। इससे जेल में अफरातफरी मच गई। महिलाआें ने महिला बंदी रक्षक को जानकारी दी तो उसे जेल प्रशासन ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया जहां उपचार के दौरान महिला की मौत हो गई। जेल के डाक्टर ने बताया कि महिला शुगर की मरीज थी। जेल में होने के कारण उसकी हालत और बिगड़ गई थी। सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और शव को आवश्यक कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।