परासन निवासी राजू साहू पुत्र मइयादीन शुक्रवार रात खेत पर फसल की रखवाली करने गए थे। घर पर पत्नी किरन व तीन छोटे बच्चे थे। देर रात छह डकैत पीछे की दीवार से छत के रास्ते घर में घुसे। आहट पाकर किरन की आंख खुल गई। आंगन में नकाबपोश डकैतों को देखकर चिल्लाने का प्रयास किया तो डकैत उन्हें काबू में कर कमरे में ले गए और सीने में तमंचा अड़ा दिया। इसके बाद कमरे में जाकर अटैची व अलमारी के लॉक तोड़कर जेवरात व नगदी लेकर भाग निकले। डकैतों के जाते ही किरन ने पति को फोन कर डकैती की सूचना दी।
राजू के घर में वारदात करने से पहले बदमाशों ने गांव के ही श्यामबाबू पुत्र शंभू दयाल के घर में घुसकर सोने-चांदी के जेवरात व नगदी पर हाथ साफ कर दिया। घर पर उस वक्त पत्नी व बेटे मौजूद थे। श्यामबाबू किसी कार्यक्रम में गए थे। इस दौरान खेत से घर पहुंचे राजू घर में डकैती की बात चिल्लाते हुए बाहर आए। शोरगुल सुनकर ग्रामीण इकट्ठा हो गए।
राजू के घर से बदमाश 24 हजार रुपये, सोने की जंजीर, मंगलसूत्र, एक अंगूठी, पायल व झुमकी ले गए, जबकि श्यामबाबू के घर से 35 हजार रुपये, नाक की बेसर, दो जोड़ी पायल, एक जोड़ी झुमकी ले गए। ग्रामीणों की सूचना पर सुबह गांव पहुंची पुलिस ने दोनों घरों में जांच पड़ताल की। इस बाबत आटा एसओ आनंद कुमार का कहना है कि घटनाएं चोरी की हैं, जबकि तहरीर में राजू की पत्नी किरन ने बदमाशों की संख्या छह बताई। साथ ही उसे तमंचा लगाकर धमकाने की बात भी लिखी है।