पुलिस कार्यालय में खुलासा करते एसपी
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उरई। जैसारी गांव के पूर्व प्रधान मानिकचंद्र सहित दो लोगों की हत्या कर शव जाने वाले हत्यारोपी को पुलिस ने बुधवार रात को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से तमंचा और दो कारतूस बरामद किए गए। चार साल से फरार आरोपी पर डीआईजी ने 12 हजार रुपये इनाम घोषित किया था। उसके खिलाफ उरई कोतवाल और कोटरा थाने में रिपोर्ट दर्ज हैं। एसपी अमरेंद्र सिंह ने गुरुवार को पत्रकारों को बताया कि डकोर थाना क्षेत्र के ग्राम जैसारी के पूर्व प्रधान मानिक चंद्र पुत्र स्व. प्रभूनाथ शहर के मोहल्ला नया रामनगर में किराए पर रहते थे। धरगुवां गांव का रामकरन सिंह पुत्र मूलचंद्र पांचाल भी उनके साथ रहता था। 29 जुलाई 2013 को मानिकचंद्र का रामकरन का विवाद हो गया था। बात बढ़ने पर रामकरन ने मानिकचंद्र की हत्या कर शव कपड़े में लपेट कर कमरे में जला दिया था। कमरे में ताला बंद कर आरोप फरार हो गया था। मानिकचंद्र के परिजनों ने रामकरन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रामकरन कोटरा थाना क्षेत्र के ग्राम मवई में रिश्तेदार के यहां रहकर खेतों की रखवाली करने लगा। 16 जनवरी 2014 को उसने धुरहट निवासी हरीराम पाल की हत्या कर शव खेत में ही जला दिया था। उसके खिलाफ कोटरा थाने में हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। रामकरन थाने से रिपोर्ट की सीआरपीसी प्रोसेस कॉपी लेकर भाग निकाला था। दो हत्या में फरार रामकरन पर डीआईजी ने 12 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने बुधवार रात आरोपी रामकरन को कालपी रोड पर ग्राम मिनौरा ओवर ब्रिज से गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से 315 बोर का तमंचा व दो कारतूस बरामद किए हैं। एसपी ने बताया कि आरोपी रामकरन से दोनों हत्या करना कबूल किया है। प्रेसवार्ता में एएसपी सुरेंद्र नाथ तिवारी भी मौजूद रहे।