औरास (उन्नाव)। थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी किशोरी को 14 दिनों तक बंधक बनाकर गैंगरेप किए जाने के मामले में नया मोड़ आ गया है। पीड़िता के मोबाइल के सीडीआर से खुलासा हुआ कि वह बनारस गई ही नहीं।
वह दिल्ली एनसीआर तक गई और फिर कानपुर लौट आई। कानपुर से उन्नाव और उन्नाव से फिर कानपुर गई। किशोरी के मोबाइल का सीडीआर जांचने के बाद पुलिस अब आरोपी महिला और युवकों के मोबाइल की सीडीआर खंगाल रही है। फिलहाल पुलिस युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
गैंगरेप के मामले में पुलिस ने जब किशोरी के मोबाइल की सीडीआर की जांच की तो कहानी में कई पेंच नजर आए। मोबाइल लोकेशन के मुताबिक 13 से 15 अगस्त तक किशोरी रसूलाबाद में रही। 15 अगस्त की रात उसके मोबाइल की लोकेशन दिल्ली एनसीआर थी। यहां मोबाइल बंद हो गया।
उसके बाद मोबाइल 22 अगस्त को दिल्ली में खुला। 22 अगस्त की रात लोकशन कानपुर। 24 को किशोरी ट्रेन से उन्नाव आई और फिर वापस कानपुर गई। किशोरी का लोकेशन बनारस दिखा ही नहीं। बता दें कि एक गांव निवासी किशोरी 13 अगस्त की शाम घर से अचानक लापता हो गई थी।
24 अगस्त को एक युवक उसे लेकर थाने पहुंचा। यहां किशोरी ने बताया कि एक महिला के कहने पर पड़ोसी गांव के दो युवक अपने साथी के साथ मिलकर उसे कानपुर के एक मकान में ले गए, वहां बंधक बनाए थे और नशीला इंजेक्शन लगाकर गैंगरेप किया।
कमरे के बाहर जाते समय हाथ-पैर भी बांध देते थे। काफी मिन्नतों के बाद युवकों ने उसे नशीला पदार्थ खिलाकर ट्रेन में बैठाया था। नशे की हालत में वह ट्रेन से बनारस पहुंच गई। वहां एक महिला की मदद से परिजनों को सूचना दी थी, तब परिजन उसे लेकर आए थे।
एसओ नारदमुनि सिंह ने बताया कि किशोरी की सीडीआर उसके बयान से अलग हैं। अब महिला व युवकों के मोबाइल की सीडीआर निकलवाई गई है। जल्द ही खुलासा किया जाएगा।
-पुलिस ने सीडीआर निकलवाई, बनारस नहीं दिल्ली एनसीआर से लौटी कानपुर
-किशोरी के साथ रही महिला व तीनों युवकों के मोबाइल की खंगाली जा रही सीडीआर
-पीड़िता ने कानपुर में 14 दिन बंधक बनाने और बनारस में छोड़ने की बात बताई थी
अमर उजाला ब्यूरो