हमीरपुर से माल उतारकर वापस मैनपुरी जा रहे ट्रक चालक को लूटने के मामले में दो आरोपियाें को कदौरा थाना पुलिस ने रंगे हाथाें गिरफ्तार कर उनसे लूट में प्रयुक्त दो 315 बोर के तमंचे व चार कारतूस बरामद किए हैं। इस दौरान अंधेरे में दो लुटेरे भाग निकले। पुलिस ने आरोपियाें के खिलाफ चालक की तहरीर पर लूट की रिपोर्ट दर्जकर जेल भेज दिया।
पुलिस लाइन सभागार में एएसपी सुभाष चद्र शाक्य ने पत्रकारों को बताया कि कदौरा थानाध्यक्ष लालमणि मंगलवार की रात हमीरपुर-कदौरा हाईवे पर गश्त पर थे। तभी उन्हें उदनपुर गांव के पास एक ट्रक को रोके हुए कुछ लोग दिखाई दिए जो ट्रक चालक रविंद्र सिंह निवासी कस्बा नगला जिला मैनपुरी को तमंचे के बल पर लूट रहे थे। पुलिस ने बदमाशाें को
ललकारा तो उन्हाेंने फायरिंग कर दी। जवाब में पुलिस ने भी फायरिंग कर दो बदमाशाें को दबोच लिया। पकड़े गए लुटेराें ने अपने नाम सचिन यादव निवासी गांव डामर थाना कुरारा व नरेंद्र यादव निवासी गांव पतारा थाना कुरारा हमीरपुर बताया जबकि इस दौरान उनके साथी राहुल वर्मा व खेरा यादव लूटे गए रुपए लेकर भाग गए। पुलिस ने लुटेराें से लूट
में प्रयुक्त बोलेरो, दो 315 बोर के तमंचे, चार कारतूस व दो खोखा बरामद कर ट्रक चालक की तहरीर पर आरोपियाें के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज जेल भेज दिया। एएसपी ने बताया कि भागे गए लुटेरों की तलाश की जा रही है।
बीएससी का छात्र है सचिन
युवावस्था में संगत व ऊंचे शौक ने सचिन को लुटेरा बना दिया। पुलिस की मौजूदगी में सचिन ने बताया कि दोस्त राहुल वर्मा की बोलेराें कार से वह वारदाताें को अंजाम देते थे और अपने महंगे शौक पूरा किया करते थे। उसने बताया कि वह बीएससी का छात्र है और वह परिजनाें को रिश्तेदारी में जाने की बात कहकर निकल आते थे। लूट की वारदात को अंजाम देते थे।
पहली बार पकड़ा गया गिरोह
शातिर होने के बाद भी यह गिरोह पहली बार पुलिस के हत्थे चढ़ा है। पकडे़ गए लुटेराें ने बताया कि वह माह में एक दो बार वारदात को अंजाम देकर चुपचाप बैठ जाते थे। इससे उन पर कोई शक भी नहीं करता था।
बार्डर पर देते थे वारदात को अंजाम
उरई। शातिर लुटेराें ने जो खुलासा किया उससे पुलिस भी अचरज में पड़ गई। लुटेराें ने बताया कि वह लूट की वारदात को अंजाम हमीरपुर जालौन के बार्डर पर अंजाम देते थे। इससे पुलिस आसानी रिपोर्ट दर्ज नहीं करती है। एक दूसरे के थाना क्षेत्र बताकर टरका देती है। इसका फायदा लुटेराें को मिल जाता था।