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नाभा जेल ब्रेककांड के बाद पुलिस पहली बार अलर्ट, पौने 11 लाख की ब्लैकमनी पकड़ी

Wed, 07 Dec 2016 10:41 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, पानीपत।
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पानीपत - फोटो : पानीपत
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पानीपत। नाभा जेल ब्रेक कांड के बाद बुधवार को जिले में पुलिस ने पहली बार हाई अलर्ट जारी किया। शहर समेत जिले में बनाए 78 पुलिस नाकों पर बैरीकेड्स लगाकर हर संदिग्ध वाहन और व्यक्ति को चेक किया गया। पुलिस की चेकिंग के चलते जिले के लोगों में खलबली मच गई। पुलिस को नाकाबंदी के दौरान ब्लैकमनी पकड़ने में सफलता मिली। असंध नाका पुलिस ने करीब पौने 11 लाख, जबकि सेक्टर-छह-सात चौकी पुलिस ने करीब दो लाख रुपये एक गाड़ी से बरामद किए। सेक्टर-छह पुलिस ने बरसत रोड स्थित उद्यमी और उसके बेटे को रिकॉर्ड दिखाने के बाद छोड़ दिया। असंध नाका पुलिस ने कैथल और करनाल के तीन लोगों से पौने 11 लाख, स्विफ्ट डिजायर गाड़ी जब्त कर ली। एसपी राजेश दुग्गल भी चेकिंग में शामिल रहे।
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घनी धुंध में सुबह करीब पौने दस बजे हाई अलर्ट की वीटी की हुई। थानों और चौकियों में तैनात पुलिसकर्मी हथियारों के साथ निर्धारित नाकों पर पहुंच गए। जिले में करीब 78 पुलिस नाकों पर एक साथ चेकिंग शुरू कर दी गई। वीटी में किसी गाड़ी के आने की सूचना दी गई थी। पुलिस द्वारा इस दौरान करीब 11:30 बजे तक हाई अलर्ट के बीच दो मामले पकड़े।

मामला नंबर-एक
थाना मॉडल टाउन के अंतर्गत असंध नहर नाका पुलिस ने जाटल रोड शोंधापुर चौक पर नाका लगाया गया था। पुलिस टीम ने शक के आधार पर पंजाब नंबर की स्विफ्ट डिजायर गाड़ी को रुकवाया। गाड़ी सवार तीनों लोग हड़बड़ा गए। असंध नाका प्रभारी कृष्ण कुमार सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे। पुलिस ने गाड़ी की जांच की तो गियर बॉक्स, डैश बोर्ड समेत तीन जगह से कैश बरामद किया। पुलिस ने ड्राइवर की पहचान संदीप निवासी दुरोड़ी, करनाल, राजा निवासी नीमवाला कैथल और रतनलाल निवासी रजनी कॉलोनी कैथल के रूप में की। मौके पर थाना मॉडल टाउन प्रभारी इंस्पेक्टर अमित कुमार और डीएसपी आत्माराम लांबा पहुंचे। सूचना पर पहुंची आयकर विभाग की टीम ने तीनों लोगों से कैश के बारे में जानकारी ली, लेकिन वे कुछ नहीं बता सके। पुलिस और आयकर विभाग की जांच में 10,70,400 रुपये मिले।
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मामला नंबर-दो
जीटी रोड टोल प्लाजा पर सेक्टर-छह-सात चौकी प्रभारी बलजीत ने एक गाड़ी को शक के आधार पर रुकवाया। पुलिस जांच में गाड़ी की डिग्गी में रखे लैपटॉप बैग से करीब दो लाख रुपये बरामद किए। पुलिस ने गाड़ी सवार की पहचान पिता-पुत्र विजय सिंगला व संजीव सिंगला के रूप में की। वे दोनों गाड़ी में सवार होकर बरसत रोड स्थित अपनी फैक्ट्री में जा रहे थे। पुलिस ने कैश के बारे में जानकारी मांगी। दोनों ने लैपटॉप से ही कैश के बारे में सारे सबूत दिखाए और अपने सीए द्वारा भी सर्टिफिकेट देने की बात कही। पुलिस अधिकारियों को जांच में सब सामान्य मिला। इस पर दोनों को छोड़ दिया गया।

यहां चला चेकिंग अभियान
जीटी रोड पर करनाल से आते वक्त कोहंड गांव के पास थाना सदर प्रभारी अजय कुमार, दिल्ली की तरफ से आते वक्त हलदाना बोर्डर पर थाना समालखा प्रभारी नरेंद्र, सनौली नाके पर सनौली थाना प्रभारी इंस्पेक्टर महेंद्र सिंह, इसराना में शाहपुर के पास नाके पर थाना इसराना प्रभारी सुरेश पाल व मतलौडा में नारा गांव के पास नाके पर मतलौडा थाना प्रभारी धर्मबीर खर्ब, सिटी के अंदर मॉडल टाउन प्रभारी इंस्पेक्टर अमित कुमार रामलाल चौक, थाना शहर प्रभारी सुरेश कुमार बस स्टैंड व थाना चांदनी बाग प्रभारी जसपाल सिंह ने बबैल नाके पर कमान संभाली। अन्य नाकों पर चौकी और पुलिसकर्मियों ने सघन जांच अभियान चलाया। जीटी रोड पर टोल प्लाजा से पहले ही नाका लगाया गया। जिसके चलते टोल प्लाजा पर किसी तरह का जाम नहीं लग सका। पुलिस अधिकारियों ने इस दौरान आने-जाने वाले वाहनों की बारीकी से चेकिंग की।

एसपी ने एक घंटे तक जांच की
पुलिस अधीक्षक राजेश दुग्गल भी हाई अलर्ट की सूचना पर जांच में लग गए। एसपी करीब पौने दस बजे ही पूरे अमले के साथ जीटी रोड पर आ गए। वे जीटी रोड स्थित अपने निवास से करनाल की तरफ चले। यहां पर सेक्टर-7 रेलवे ओवरब्रिज पर लगाए नाके की जांच की। इसके बाद वे पानीपत-करनाल बोर्डर कोहंड के पास जीटी रोड लगाए नाके पर पहुंचे। यहां से वे जीटी रोड स्थित टोल प्लाजा पर पहुंचे। एसपी इसके बाद यमुना एनक्लेव और फिर बस स्टैंड समेत अन्य स्थानों पर पहुंचे।

बत्तीधारी और दोपहिया वाहन चालकों के छूटे पसीने
पुलिस की नाकाबंदी के दौरान सबसे ज्यादा परेशानी डुप्लीकेट बत्ती लगाए गाड़ी चालकों और बिना हेलमेट पहने बाइक सवारों को हुई। जीटी रोड पर कई लोग अपनी गाड़ियों से बत्ती उतारते नजर आए। बाइक सवार हेलमेट न होने पर नाकों से पहल ही लौटने लगे।

नाभा जेल ब्रेक कांड में हुई थी किरकिरी
पंजाब के नाभा जेल ब्रेक कांड में पानीपत पुलिस की किरकिरी हो गई थी। जेल ब्रेल कराने का आरोपी गैंगस्टर पैंदा अपनी फॉर्च्यूनर गाड़ी से शहर से होते हुए सनौली नाके को पार कर यूपी में दाखिल हो गया था। यूपी पुलिस ने वहां उसे पकड़ लिया था। उसने वहां पूछताछ में पानीपत से होकर आने की बात कबूली थी। खालिस्तान लिबरेशन फ्रंट का मुखिया भी पानीपत बस स्टैंड से बस में सवार होकर दिल्ली तक पहुंच गया था। इस मामले में डीजीपी ने एसपी से रिपोर्ट ली थी। पुलिस अधीक्षक ने दो एएसआई को सस्पेंड कर दिया था और सनौली थाना प्रभारी को लाइन हाजिर कर दिया था।

पुलिस की सजगता जानने के लिए हाई अलर्ट घोषित किया गया था। पुलिस की नाकेबंदी के दौरान असंध नाका चौकी ने करीब पौने 11 लाख की ब्लैकमनी पकड़ी है। मैंने नाकेबंदी की खुद जांच की है। इस दौरान पुलिस के पुख्ता प्रबंध मिले।
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राजेश दुग्गल, एसपी, पानीपत।
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