पाकिस्तान के एजेंट बांग्लादेश के रास्ते भारत में नकली करेंसी का कारोबार फैला रहे हैं। बांग्लादेश से वे पश्चिम बंगाल आते हैं और फिर वहां से छोटे-छोटे शहरों तक नकली करेंसी की खेप पहुंचाते हैं। यह खुलासा हुआ है दो दिन पहले ढाई लाख की करेंसी के साथ पकड़े गए तीन तस्करों से। इनके पास से तीन मोबाइल भी मिले हैं। मोबाइल की जांच की जा रही है। मामले
में एक बैंककर्मी का भी नाम आया है, उसकी तलाश की जा रही है। एसपी का कहना है कि पकड़े गए लोगों से एटीएस, आईबी एवं एसआईबी की टीम भी पूछताछ कर चुकी है। जिले में नकली करेंसी आने की काफी दिनोें से शिकायत मिल रही थी। इस पर पुलिस ने जाल बिछाया। सर्विलांस सेल की मदद से पुलिस को जानकारी हुई कि कुछ लोग बस से नकली करेंसी
लेकर जालौन आ रहे हैं। स्वाट टीम ने कोंच से जालौन आ रही निजी बस को कोंच तिराहे पर रविवार रात करीब नौ बजे रोक लिया। तलाशी के दौरान जालौन जिले के छानी गांव निवासी अनूप कुमार तिवारी, दबगरान मोहल्ला निवासी आसिफ, कोंच के सुभाष नगर निवासी बद्री पटेल के पास 50 हजार की नकली करेंसी मिली। इन तीनों से पूछताछ के बाद
अलग- अलग जगह से दो लाख की नकली करेंसी बरामद की गई। तीनों के मोबाइल भी कब्जे में ले लिया गया है। मामले का खुलासा करते हुए एसपी अशोक कुमार त्रिपाठी ने बताया कि तीनों तस्करों से एटीएस, आईबी व एसआईबी टीम ने भी पूछताछ की है। एसपी के मुताबिक तस्करों के तार पश्चिम बंगाल के तस्करों से जुडे़ हैं। आशंका है कि पाकिस्तानी एजेंट
बांग्लादेश के रास्ते पश्चिम बंगाल के तस्करों तक नकली करेंसी पहुंचाते हैं और फिर वहां से बस व ट्रेन के जरिए भारत के विभिन्न हिस्सों में भेजा जाता है। उन्होंने स्वाट टीम प्रभारी अरुण कुमार तिवारी को पांच हजार रुपये के इनाम देने की बात कही है।