काम की तलाश की बात कहकर तीन दिन पहले घर से निकले युवक का शव सिरसाकलार थाना के सरैनी गांव के जंगलों में पेड़ पर लटका मिला। चरवाहों ने शव देखा तो परिजनों को सूचना दी। सूचना पाकर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस का कहना है कि युवक ने आर्थिक तंगी के चलते फांसी लगाकर आत्महत्या की
है। सिरसाकलार थाना क्षेत्र के गांव न्यामतपुर निवासी रामचंद्र (18) पुत्र फूल सिंह तीन दिन पहले परिजनों से गुजरात में काम धंधे पर जाने की बात कह कर घर से बैग लेकर निकला, लेकिन वह गुजरात नहीं गया। रविवार की सुबह गांव के चरवाहे सरैनी के जंगल में जानवर चराने के लिए गए थे तो वहां उन्हें एक पेड़ पर रामचंद्र का शव साफी से लटका मिला। उसका
वहीं बैग रखा था। चरवाहों ने इसकी सूचना परिजनों को दी तो बदहवास परिजन मौके पर पहुंचे और रोने बिलखने लगे। थानाध्यक्ष सत्यदेव सिंह का कहा है कि युवक ने आर्थिक तंगी के चलते जान दी है। मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। मौत की सही वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट होगी।
पत्नी मायके से नहीं आई तो फांसी लगाई
मायके से पत्नी के वापस न आने से आहत पति ने शनिवार की देर रात फांसी लगाकर जान दे दी। सुबह परिजनों ने जब उसका शव देखा तो घर में कोहराम मच गया। कोटरा थाना के महल्ला नरसिंहजी निवासी बृजेंद्र उर्फ भूरे (24) पुत्र किशुन प्रसाद कई सालाें से उड़ीसा के राजगांव में रहकर मजदूरी करता था। वहीं गुंजन नाम की लड़की से उसे प्यार हो गया। वह
उसे कोटरा लाया और शादी कर ली। एक माह पहले पत्नी ने मायके जाने की बात कही तो पति ने उसे भेज दिया। आठ दिन बाद जब वह पत्नी को लेने गया तो उसने आने से इंक ार कर दिया। इस पर पति घर वापस आ गया। परिजनों के मुताबिक शनिवार की रात वह मोबाइल पर बात कर रहा था। इस बीच घर आने को लेकर पत्नी से मोबाइल पर विवाद हो गया।
परिजनों ने इस बात को अनदेखा कर दिया। देर रात बृजेंद्र ने कमरे में लगे कमरे की छत पर लगे कुुंडे में फांसी का फंदा बनाकर लटक गया, जिससे उसकी मौत आत्महत्या हो गई। सुबह जब परिजनों ने उसका शव फांसी पर लटकते देखा तो कोहराम मच गया। सूचना पाकर मौके पर थाना पुलिस पहुंची और जांच पड़ताल की।