तालाब से शव बाहर निकलवाती पुलिस।
- फोटो : amar ujala
पिछले कई वर्षों से लगातार दैवी आपदा का शिकार हो रहे किसानों की हालत काफी खराब है। रविवार सुबह तकरीबन 5 बजे कोतवाली क्षेत्र के ग्राम सींगपुरा निवासी किसान गनेश सिंह (56) पुत्र स्व. रूपसिंह घर से शौच जाने की बात कहकर घर से निकले थे। काफी देर तक जब वह वापस नहीं लौटे तो उनकी खोजबीन की गई, लेकिन कुछ पता नहीं चला। सोमवार सुबह गांव के लोग जब टहलने निकले तो उन्हें गांव के बाहर स्थित तालाब में गनेश का शव उतराता दिखा।
ग्रामीणों ने परिजनों व कोतवाली पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही कोतवाल संजय कुमार गुप्ता, एसआई बृज कुमार व पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों की मदद से गनेश सिंह का शव तालाब से बाहर निकलवाया। गनेश सिंह के पुत्र मोहित कुमार ने बताया कि पिछले कई सालों से लगातार दैवी आपदा से खेत की पैदावार नष्ट हो रही थी। जिसके चलते पिता पर काफी कर्ज हो गया था। उन पर इलाहाबाद बैंक मुख्य शाखा का 3 लाख 78 हजार रुपये का कर्जा भी था।
पिता ने ऋण माफी के लिए आवेदन भी किया था। लेकिन उनका ऋण माफ नहीं हुआ बल्कि वसूली के लिए रिकवरी का नोटिस भी जारी हो गया था। जिसके बाद से पिता काफी परेशान और उदास रहने लगे थे। पत्नी गुड्डी देवी ने बताया कि उनके पति के नाम 11 बीघा खेती थी। कर्ज चुकाने के लिए उन्होंने 5 बीघा खेती बेच भी दी थी। इसके बाद भी पूरा कर्ज न चुकने से परेशानी खत्म नहीं हो रही थी। कोतवाल संजय कुमार गुप्ता ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।