जालौन में जहरीला पदार्थ खाने से पांच गायों की मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही उपजिलाधिकारी, कोतवाली प्रभारी, चौकी इंचार्ज व पशु अस्पताल के डॉक्टरों ने मौके पर पहुंचकर मृत गायों का विसरा सुरक्षित करवाया। इसके बाद गायों को गुरु मस्तराम ग्राउंड में दफन करवाया गया। वहीं, गोरक्षा अभियान के सदस्यों की मांग पर उपजिलाधिकारी ने
मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया। रविवार सुबह नगर के लोग जैसे बाजार की ओर आए तो मोहल्ला पुरानी हाट में पांच गायें सड़क पर मृत अवस्था में पड़ी मिलीं। यह खबर नगर में आग की तरह फैल गई। किसी ने इसकी सूचना कोतवाली पुलिस को दे दी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कोतवाली प्रभारी फुं दनलाल ने उपजिलाधिकारी शीतला
प्रसाद यादव को सूचित किया। वे चौकी इंचार्ज अखिलेश उमराव के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। कुछ ही देर बाद एसडीएम भी पहुंच गए। खबर पाकर गोरक्षा अभियान के संस्थापक अनिल शिवहरे, जिलाध्यक्ष राजा सिंह सेंगर सहित लालन ताम्रकार, मनोज गुप्ता, अशोक शिवहरे, जगनाथ गुर्जर आदि भी मौके पर पहुंच गए। आशंका जताई कि इन पांच गायों को एक
साथ जहर देकर मारा गया होगा। उनकी मांग पर उपजिलाधिकारी ने जांच कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद उपजिलाधिकारी ने उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. दुष्यंत कुमार
यादव को मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए। मौके पर पहुंची पशु चिकित्सकों की टीम ने मृत गायों का पोस्टामार्टम कर बिसरा सुरक्षित किया। इसे जांच के लिए आगरा भेजा जाएगा। इसके बाद सभी मृत गायों को नगर पालिका की जेसीबी मशीन से उठवाकर गुरुमस्तराम ग्राउंड भिजवाकर दफन कराया गया।
चमड़े के ठेकेदार पर लग रहे आरोप
कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला नारोभास्कर निवासी लालसिंह यादव ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि वह किसान है व गाय पालता है। आरोप लगाया कि कुछ दिन पूर्व उसकी एक बछिया की बीमारी से मौत हो गई थी। इसे वह अपने खेत पर दफ नाने की तैयारी कर रहा था। तभी मोहल्ला चिमनदुबे निवासी चमड़े के ठेकेदार शाहबुद्दीन व नईम वहां आए और उसे
रोकने लगे। कहा कि मृत बछिया को वह अपने साथ ले जाएंगे। जब उसने उन्हें मना कर दिया तो वह यह धमकी देते हुए वहां से चले गए कि वह लोग उसकी गायों को पहचानते हैं। देखते हैं वह कितनी गायों को दफ नाता है। इसी रंजिश के चलते इन दोनों ने उसकी दो गायों सहित दो आवारा गायों व एक बछिया को जहर देकर चमड़े के लालच में मार दिया है।