पोस्टमार्टम हाउस के बाहर खड़े रितु के दुखी परिजन।
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प्रतापपुरा के प्रधान सूरज प्रसाद दोहरे का 17 वर्षीय पुत्र रितुराज सिंह 16 जनवरी की रात घर से लापता हो गया था। पिता ने कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। मंगलवार सुबह मलंगा नाले में शव मिलने की सूचना पर सीओ जालौन मौके पर पहुंचे। शव को नाले से निकलवाया तो वह रितुराज का निकला। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पिता सूरज ने बताया कि रितुराज पहले उरई के नवोदय विद्यालय में पढ़ता था। अगस्त 2017 में प्रधानाचार्य से विवाद हो गया तो प्रधानाचार्य ने उसे स्कूल से निकाल दिया।
अफसरों से गुहार लगाने पर उसका दाखिला झांसी के नवोदय विद्यालय में हो गया। झांसी की दूरी ज्यादा होने से उसके प्रैक्टिकल व परीक्षा उरई में होनी थी। 12 जनवरी तक उसका सिलेबस झांसी में पूरा हो गया था। जब रितुराज 14 जनवरी को उनके साथ उरई नवोदय स्कूल के प्रधानाचार्य के पास प्रैक्टिकल फाइल में हस्ताक्षर कराने पहुंचा तो प्रधानाचार्य ने भगा दिया। सूरज के मुताबिक प्रधानाचार्य के लगातार उत्पीड़न से बेटा दुखी था। इसी से जान दे दी। सीओ का कहना है कि मामला आत्महत्या का ही लग रहा है। छात्र जब नाले में कूदा होगा तो कीचड़ में धंस गया होगा।
इसी से इतने दिनों तक शव नहीं मिल सका। अन्य पहलुओं पर भी जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हकीकत सामने आएगी। इस बाबत उरई नवोदय विद्यालय के प्रधानाचार्य ने बताया कि रितुराज अपने पिता के साथ प्रैक्टिकल फाइल में हस्ताक्षर कराने आया था, पर उन्होंने उसे डांटा नहीं है। फाइल में झांसी के प्रधानाचार्य के हस्ताक्षर होने थे, जिससे उन्हें हस्ताक्षर कराकर लाने को कहा था। इसके बाद वे लोग चले गए थे।