बिजनौर में प्रथम अपर जिला जज और सत्र न्यायाधीश राजीव शर्मा ने गांव मुजफ्फरपुर केशो में हुए दोहरे हत्याकांड में पांच आरोपियों पर दोष सिद्ध होने पर आजीवन कारावास और 32-32 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। दोष सिद्ध नहीं होने पर कोर्ट ने एक आरोपी को बरी कर दिया है।
शासकीय अधिवक्ता इसरार अली के अनुसार थाना कोतवाली शहर के ग्राम मुजफ्फरपुर केशो निवासी शीलचंद ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 12 अप्रैल 2013 को उसके परिवार में अरविंद पुत्र नरेश की शादी थी। सभी लोग घर पर इकट्ठा थे। शाम छह बजे गांव के वीरा की दुकान पर शीलचंद के भतीजे सोमपाल को गांव के ही तरुण और रमन ने गाली दीं। सोमपाल की मदद के लिए वे लोग पहुंचे तो तरुण और रमन वहां से चले गए। 15 मिनट बाद रमन, गुड्डु और उसके तीन पुत्र वरुण, तरुण, श्यामा उर्फ श्याम सिंह 15-20 लोगों के साथ लाठी डंडे और तमंचों से लैस होकर उनके घर में घुस आए।
तरुण और रमन ने उन पर गोलियां चलाईं। गोली लगने से शीलचंद के बेटे अनिल और भतीजे मनोज जमीन पर गिर गए। आरोपी हमलावरों ने सुधा, पूनम, सोरनी, संजू को भी बुरी तरह से मारपीट कर घायल कर दिया। गोली लगने से घायल अनिल और मनोज की मौके पर ही मौत हो गई थी। इस मामले में पुलिस ने मौके से पुष्पेंद्र का मोबाइल मिलने पर उसे भी आरोपी बनाया था। पुलिस ने रमन और तरुण से हत्या में प्रयुक्त तमंचे बरामद किए थे। अदालत ने पाया कि इस हत्याकांड को गुड्डू और उसके पुत्रों वरुण, तरुण और श्यामा उर्फ श्याम, रमन पुत्र मुन्नू ने अंजाम दिया है। अदालत ने इन पांचों आरोपियों को सजा सुनाई है। पुष्पेंद्र को बरी कर दिया है।