कोंच। कोतवाली पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर भाजपा का झंडा लगी गाड़ी में प्रतिबंधित मांस लादते दो लोगों को गिरफ्तार किया लेकिन तीन भाग निकले। पुलिस ने ढाई क्विंटल प्रतिबंधित मांस और जानवर काटने के औजार बरामद किए हैं।
कोंच कोतवाल सत्यदेव सिंह को मुखबिर ने कसाई मंडी ओम प्रकाश अवस्थी के खेत के पास स्कार्पियो में प्रतिबंधित मांस लोड होने की सूचना मिली। कोतवाल ने एसएसआई मनोजकुमार सिंह और खेड़ा चौकी इंचार्ज उमेश सिंह के साथ छापेमारी कर दो लोगों को दबोच लिया लेकिन तीन भाग निकले। मौके से पशु काटने के औजार भी बरामद किए गए। स्कार्पियो में करीब दो कुंतल मांस लदा था और एक बोरी में करब पचास किलोग्राम मांस नीचे पउ़ा था। कोतवाल ने पकड़े गए लोगों के नाम शहबाज पुत्र लल्लू निवासी हिरदेशाह जालौन, नूरसफी पुत्र हनीफ निवासी आराजी लेन कोंच बताए हैं। शाहबाज वाहन चालक है। कोतवाल सत्यदेव सिंह ने बताया कि गाड़ी जालौन के हरिपुरा निवासी विकास श्रीवास्तव की बताई जा रही है। कागज उनकी मां सुमन श्रीवास्तव के नाम है। एआरटीओ आफिस से पता लगाया जा रहा है कि गाड़ी किसके नाम है। एआरटीओ कार्यालय से डुप्लीकेट कागज निकलवाकर गाड़ी मालिक के नाम भी रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। सीओ रुक्मणि ने बताय कि कोंच से मांस की तस्करी मध्यप्रदेश के सीमावर्ती जिलों में की जाती थी। ये गोरखधंधा करीब तीन साल से चल रहा था। पकड़े गए लोगों से पूछताछ की जा रही है। गाड़ी मालिक का मांस तस्करी से संबंध है या नहीं, जल्द ही ये साफ हो जाएगा।
भाजपा से सभासद रह चुके हैं विकास के चाचा
प्रतिबंधित मांस लदी स्कार्पियो जिस विकास श्रीवास्तव की बताई जा रही है, उसके चाचा डब्बू श्रीवास्तव भाजपा के सभासद रह चुके हैं। वह मोहल्ला चौधरायन से सभासद थे। छह साल पहले डब्बू का निधन हो चुका है। सूत्रों के अनुसार गाड़ी को छुड़ाने के लिए पुलिस के पास कई भाजपा नेताओं के फोन भी आए। इसके चलते आनन फानन में गाड़ी से भाजपा का झंडा हटा दिया गया लेकिन नंबर प्लेट में बना झंडा नहीं हट पाया। मामला मीडिया तक पहुंचने के कारण पुलिस ने आनन फानन में कार्रवाई कर गाड़ी सीज कर दी।
विकास से भाजपा का कोई वास्ता नहीं
भाजपा जिलाध्यक्ष उदयन पालीवाल का कहना है कि विकास श्रीवास्तव का हमारी पार्टी से कोई वास्ता नहीं है। पकड़ी गई गाड़ी भी हमारे दल के किसी नेता की नहीं है। जो लोग भाजपा के झंडे का दुरुपयोग कर रहे हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मैं जल्द ही एसपी को पत्र लिखकर फर्जी तरीके से भाजपा का झंडा गाड़ी में लगाने वालों पर कार्रवाई के लिए कहूंगा।
बहाने से वाहन ले गया था चालक
स्कार्पियो के मालिक विकास श्रीवास्तव का कहना है कि शाहबाज मेरी गाड़ी चलाता था। वह अपनी बहन की ससुराल जाने की बात कहकर गाड़ी ले गया था। उसने दो दिन तीन वापस आने की बात कही थी। इसके बाद वह कहां गया, मुझे कुछ नहीं पता है।