रेढ़र गांव निवासी मजदूर मानसिंह ने पुलिस को बताया कि शनिवार की दोपहर वह जानवर चराने गया था और पत्नी शकुंतला छोटे छोटे तीन बच्चों को लेकर खेत पर मटर तोड़ने गई थी। घर पर सबसे बड़ी बेटी मनीषा (13) अकेली थी। मानसिंह के मुताबिक शाम पांच बजे के आसपास जब वे लोग घर लौटे तो देखा की भूसे वाले कमरे में मनीषा का शव जमीन पर पड़ा है। गले में रस्सी व नाखून के भी निशान थे। घर का सामान भी बिखड़ा पड़ा था और बक्से भी खुले पड़े थे।
जिससे जेवर-नगदी गायब थी। परिजनों ने लूटपाट के विरोध में हत्या की आशंका जताई है। एसपी का कहना है कि घटना की सूचना से लेकर ही अलग-अलग बातें सामने आ रही हैं। पहले पुलिस को सूचना दी गई थी कि घर पर किशोरी का शव रस्सी से लटका हुआ है, लेकिन जब फोर्स पहुंची तो शव फर्श पर पड़ा हुआ था। गले में रस्सी के निशान जरूर हैं, घर वालों ने लूटपाट के विरोध में हत्या की बात कही है। कितना सामान गया है यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। किशोरी की मौत कैसे और किन हालात में हुई उसका पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर ही लगेगा।