सुभाष नगर में सराफ राजीव माहेश्वरी के घर डकैती के मामले में पुलिस के शक की सुई उनके ही पूर्व कर्मचारी पर जा टिकी है। उसे सराफ ने पांच साल पहले नौकरी से निकाल दिया था। पुलिस ने पूर्व कर्मचारी के गांधी नगर स्थित घर पर दबिश दी तो वह वहां से भी फरार हो चुका था। सराफ के घर से मिले सीसीटीवी कैमरे के फुटेज को पुलिस ने आसपास के जनपदों के थानों में भी भेजा है। जिससे कि बदमाशों की शिनाख्त हो सके। शुक्रवार को सराफ ने एएसपी सुभाष शाक्य से मिलकर घटना के जल्द खुलासे की मांग की है। बता दें कि बुधवार की देर
शाम असलहों से लैस बदमाशों ने राजीव के घर में घुसकर न सिर्फ मारपीट की बल्कि लाखों की जेवर नगदी भी ले गए थे। पुलिस को मकान में लगे सीसी कैमरों से बदमाशों के फुटेज मिले थे। फुटेज में जिन बदमाशों के चेहरे स्पष्ट हैं, उनकी तस्वीरें लेकर पुलिस टीम उनकी तलाश कर रही है। शुरुआती पूछताछ में पुलिस को पता चला है कि मामले में सराफ के पूर्व कर्मचारी की
भी भूमिका हो सकती है जिसे उसने काम से निकाला था। पुलिस ने कर्मचारी की तलाश में उसके घर और नाते रिश्तेदारों के यहां दबिश देना भी शुरू कर दिया है। दूसरी ओर मामले का
खुलासा न होने से सराफ के परिवार वालों में खौफ तो कारोबारियों में पुलिस के खिलाफ रोष है। सराफ का कहना है कि यदि दो एक दिन में बदमाश नहीं पकड़े जाते हैं, तो आईजी जोन से मिलकर मामले के खुलासे का प्रयास करेंगे। इस बावत एएसपी का कहना है कि कुछ सुराग मिले हैं, जिस पर काम हो रहा है। जल्द ही बदमाशों की धरपकड़ की जाएगी।
पहले ही मिल गई थी लूट की सूचना
सूत्रों की मानें तो वारदात से कुछ घंटे पहले ही किसी ने पुलिस के एक अधिकारी को फोन कर कहा था कि शाम के वक्त सराफा बाजार में लूट होनी है। इस पर पुलिस ने बाजार में गश्त कराई लेकिन बदमाशों ने सुभाष नगर निवासी सराफ राजीव के घर पर वारदात को अंजाम दे दिया।
शराब ठेकों पर भी पुलिस की नजर
बदमाशों की धरपकड़ के लिए पुलिस के सिपाही सादी वर्दी में शराब ठेकों के आसपास भी डटे हुए हैं। माना जा रहा है कि कोई न कोई बदमाश ठेके पर शराब पीने आ सकता है, और नशे में घटना के संदर्भ में किसी से बातचीत कर सकता है। इससे भी उसे पकड़ा जा सकता है।