उरई। पूर्व मंत्री बृजेंद्र प्रताप सिंह पर रिपोर्ट और उनकी गिरफ्तारी के खिलाफ गुरुवार देर रात कोतवाली में पथराव करने के मामले में पुलिस ने 4 नामजद और 10 अज्ञात के खिलाफ दरोगा-सिपाही से मारपीट, सरकारी कार्य में बाधा और सेवन सीएएल आदि धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है। शुक्रवार सुबह भी पूर्व मंत्री के समर्थकों ने कोतवाली के बाहर हंगामा करने की कोशिश की लेकिन पुलिस ने उन्हें खदेड़ दिया। बाद में एहतियातन कोतवाली के बाहर पीएसी लगा दी गई। पूर्व मंत्री और दूसरे पक्ष के गांवों में भी पुलिस गश्त करती रही।
सपा सरकार मेें दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री और बसपा से विधायक रहे बृजेंद्र प्रताप सिंह ने करीब दो साल पहले पचौनिया गांव निवासी हरबंश भदौरिया को सवा लाख में ट्रैैक्टर बेचा था। इसका कुछ रुपया हरबंश ने उसी समय दे दिया था और शेष किस्तों में देने की बात कही थी। कुछ महीने से हरबंश ने रुपया नहीं दिया, इस पर पूर्व मंत्री ने तगादा किया। आरोप है कि गुुरुवार को पूर्व मंत्री ने हरबंश के विकलांग बेटे हर विजय को बंधक बनाकर मारपीट की। दूसरे बेटे सुमित ने पुलिस को सूचना दे दी थी। पुलिस ने दोनों पक्षों को कोतवाली ले आई। सुमित ने पुलिस को बताया कि पूर्व विधायक के समर्थक उसे और विकलांग भाई हरविजय बंधक बनाकर मारपीट की थी। पेशाब करने के बहाने सुमित मकान की बाउंड्री फांदकर पुलिस को सूचना दी थी। कोतवाली में पुलिस दोनों पक्ष के लोगों से मामले की जानकारी ले रही थी। इसी बीच पूर्व मंत्री के समर्थकों ने कोतवाली में पथराव कर दिया। इसमें दरोगा धर्मेंद्र, सिपाही संदीप, सतबीर, रोहित और राजकुमार घायल हो गए थे। देर रात पुलिस ने पूर्व मंत्री व उनके साथियों के खिलाफ बंधक बनाकर मारपीट करने की रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। पूर्व मंत्री को गिरफ्तार कर लिया गया। शुक्रवार सुबह फिर पूर्व मंत्री के समर्थक कोतवाली पहुंच गए और हंगामा करने की कोशिश की। थानेदार ने अधिकारियों को सूचना देकर कई थानों की पुलिस और पीएसी बुला ली गई। पुलिस ने लाठियां पटककर भीड़ को खदेड़ दिया। पीएसी के बाहर पीएसी लगा दी गई। इंस्पेक्टर ने कोतवाली में उपद्रव करने के मामले में कैलोर निवासी विमल सिंह, राजेश निवासी और अटागांव निवासी लक्खू तोमर व ब्रहमानंद के अलावा 10 अज्ञात लोगों के खिलाफ सेवन सीएलए के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है। इंस्पेक्टर आरपी सिंह ने बताया कि शुक्रवार को पूर्वमंत्री को कोर्ट में पेश किया गया, जहां उन्हें जमानत मिल गई। पूर्व मंत्री और हरिबंश के गांवों में भी एहतियातन पुलिस गश्त करती रही। आरोपियों की तलाश की जा रही है।
पूर्व मंत्री पर लग चुका है गुंडाएक्ट
पूर्व मंत्री बृजेंद्र प्रताप सिंह पर कई मामले दर्ज हैं। पुलिस ने उनका 27 साल का आपराधिक रिकार्ड खंगाला। उनके खिलाफ लूट, मारपीट, धमकी देने और गुंडा एक्ट सहित 11 मामले दर्ज हैं। 1997 में गुंडाएक्ट, 2002 में शिक्षक नेता गिरेंद्र सिंह से मारपीट और 2008 में लोकायुक्त की ओर से दर्ज भ्रष्टाचार के बड़े मामले दर्ज हैं।
कोतवाली में गुजरी पूर्व मंत्री की रात
पूर्व मंत्री बृजेंद्र प्रताप सिंह को पुलिस ने देर रात रिपोर्ट दर्ज होने के बाद हिरासत में ले लिया था। उनकी रात कोतवाली में ही कटी। पूर्व मंत्री मुंशियाने के पास रात भर कुर्सी में बैठे रहे। उन्होंने पुलिस की ओर से दी गई खाने पीने की किसी भी चीज को हाथ नहीं लगाया। घर से आया खाना ही खाया। परिवार वाले दवाएं भी दे गए थे। शुक्रवार सुबह उन्हें कचहरी ले जाया गया, इसके पहले पुलिस की ओर से दिया गया एक समोसा उन्होंने खाया।
पुराने मामले में बीडीसी ने दी तहरीर
नंदीगांव ब्लॉक के बंगरा गांव के बीडीसी भरत कुमार ने शुक्रवार को पूर्व मंत्री के खिलाफ तहरीर दी। इसमें आरोप है कि 2016 में हुए ब्लॉक प्रमुख के चुनाव के समय एक प्रत्याशी को वोट के लिए पूर्व मंत्री बृजेंद्र प्रताप सिंह ने दबाव डाला था। बीडीसी का आरोप है कि उसे बंधक बनाकर पूर्व मंत्री ने पीटा भी था। पुलिस का कहना है कि मामला काफी पुराना है फिर भी जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
पूर्व मंत्री को मिली कोर्ट से जमानत
पूर्व मंत्री बृजेंद्र प्रताप सिंह को पुलिस ने शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जमानत मिल गई। इसके बाद पूर्व मंत्री ने कहा कि उन्होंने हरविजय और सुमित से सिर्फ अपने रुपयों का तगादा किया था। मारपीट का आरोप सरासर गलत है। इससे पहले अपने लड़कों को पजौनिया गांव तगादे के लिए भेजा था तब हरविजय ने ही मेरे लड़कों के साथ अभद्रता की थी।
फोटो नंबर 21- नारेबाजी करते हुए तहसील की ओर जाते छात्र
पूर्व मंत्री के समर्थन में छात्रों ने दिया ज्ञापन
पूर्व मंत्री बृजेंद्र प्रताप का माधौगढ़ में डिग्री कॉलेज और इंटर कालेज हैं। शुक्रवार को दोनों कॉलेजों के दर्जनों छात्र पूर्व मंत्री के समर्थन में नारेबाजी करते हुए तहसील पहुंचे और एसडीएम को ज्ञापन देकर पूर्व मंत्री पर दर्ज एफआईआर हटाने की मांग की। छात्रों का कहना है कि पुलिस पूर्व मंत्री को झूठे मामले में फंसा रही है।