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15 संदिग्धों को उठाया, औरैया में भी दबिश दीं

Sat, 06 May 2017 11:51 PM IST
अमर उजाला जालौन
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एएसपी व सीओ केे साथ मौजूद डीआईजी शरद सचान। - फोटो : अमर उजाला
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जालौन में महिला के साथ हुए गैंगरेप मामले में क्षेत्र के साथ ही औरैया के संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही हैं। इस सिलसिले में पुलिस ने 15 संदिग्धों को भी उठाया है। घटनास्थल पहुंचे डीआईजी झांसी शरद सचान ने दो-तीन दिनों में आरोपियों को पकड़ लेने का आश्वासन दिया है।
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खुलासे के लिए जनपद के अलावा औरैया पुलिस की भी मदद ली जा रही है। शनिवार को अचानक जनपद पहुंचे डीआईजी ने सबसे पहले गोहन के पास स्थित घटनास्थल का निरीक्षण किया। इसके बाद पीड़ितों से भी पूछताछ की। डीआईजी ने बताया कि तीन थानों के अलावा सीओ सिटी व सर्विलांस टीम मिलाकर कुल पांच टीमें खुलासे के लिए लगाई गई हैं। प्रयास किया जा रहा है कि दो-तीन दिनों के भीतर आरोपियों को पकड़ लिया जाए।

इसके अलावा औरैया के संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही हैं। पुलिस ने 15 संदिग्धों को भी उठाया है। उनसे भी पूछताछ की जा रही है। कुछ न कुछ जल्द हासिल होगा। डीआईजी के साथ अलग कमरे में बैठ कर एएसपी सुभाष शाक्य और सीओ संजय शर्मा ने भी खुलासे की रणनीति पर चर्चा की। गुरुवार रात को जयपुर से लौट रहे दंपति से गोहन के पास लोडर सवार  आठ अन्य लोगों ने लूटपाट, मारपीट की थी। इसके बाद सभी ने पति के सामने महिला के साथ बारी-बारी से बलात्कार किया था।
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दुधिए तो नहीं हैं गैंगरेप केे आरोपी
पुलिस सूत्रों की मानें तो जिस लोडर में आरोपी सवार थे, वह किसी दूध डेयरी से जुड़ा हुआ है। महिला के पति के मुताबिक रास्ते के दौरान लोडर चालक बार-बार किसी डेयरी संचालक से दूध पहुंचाने की बात कर रहा था। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि लोडर मेें सवारी बनकर बैठे आरोपी दूधिए भी हो सकते हैं। पुलिस फिलहाल गोहन से लेकर कुठौंद और कुठौंद से लेकर औरैया तक दूधियों और डेयरी संचालकोें को भी सूचीबद्ध कर उनसे पूछताछ करने का की तैयारी कर रही है।   

महिला के सामने होगी शिनाख्त परेड
पुलिस ने जिन 15 लोगों को संदेह के आधार पर उठाया है, उनकी जल्द ही शिनाख्त परेड की जाएगी। महिला के सामने उन्हें लाया जाएगा और उनकी पहचान कराई जाएगी। हालांकि पुलिस ने तीन संदिग्ध लोडर भी पकडे़ हैं, लेकिन पीड़िता के पति ने उनमें से किसी की शिनाख्त नहीं की है।

डाटा फिल्टरेशन में लगी सर्विलांस टीम
पुलिस के साथ-साथ सर्विलांस टीम भी मामले के खुलासे में लगी है। टीम डाटा फिल्टरेशन के माध्यम से पता कर रही है कि वारदात के वक्त घटनास्थल पर कितने मोबाइल नंबर काम कर रहे थे। इसी तरह जहां से आरोपी सवारी बनकर बैठे, वहां से लेकर घटनास्थल के बीच के भी मोबाइल नंबर उनके टावरों से पता किए जा रहे हैं।

मेडिकल रिपोर्ट पर भी पुलिस की नजर
पुलिस भले ही मामले के खुलासे के लिए जी जान लगाए हुए है, लेकिन अधिकारिक सूत्रों की मानें तो आठ लोगों के रेप करने की बात पुलिस के भी गले नहीं उतर रही है। पुलिस महिला के मेडिकल रिपोर्ट (स्लाइड) का भी इंतजार कर रही  है। इससे रेप में शामिल लोगों की संख्या का भी अंदाज लग सकता है।
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