जालौन। रविवार को कोंच चौराहे के पास तीन लोगों की मौत व उसके बाद हुए बवाल के मामले में कोतवाली पुलिस द्वारा पहले 55 लोगों को नामजद आरोपी बताया गया था। अब 55 के स्थान पर मात्र 15 लोगों को ही नामजद व 800-900 अज्ञात व्यक्तियों को आरोपी बनाने की बात कही जा रही है। अपने को निर्दोष सिद्ध करने कोतवाली पहुंचे बुंदेलखंड मुक्ति मोर्चा के प्रदुम्न दीक्षित को कोतवाली से सीधे जेल भेजा दिया। जबकि शेष 14 आरोपी अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर हैं।
जालौन में हुए उपद्रव के मामले में कोतवाली में तैनात एसएसआई राजेंद्र सिंह यादव की तहरीर पर 15 लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है। जबकि पूर्व में कोतवाली पुलिस इन आरोपियों की संख्या 55 बता रही थी। अज्ञात लोगों की संख्या भी 400 से बढ़ाकर 800-900 की गई है। कोतवाली पुलिस ने उत्पात मचाने, कानून व्यवस्था को खराब करने के साथ पुलिस पर पथराव करने व सरकारी संपत्ति को क्षति पहुंचाने, प्राइवेट गाड़ियों की तोड़फ ोड़ व आगजनी करने के मामले में मोहल्ला नारोभास्कर निवासी हाफि ज रिजवान व उसके दो भाई नफ ीस व रिहान, मोहल्ला चिमन दुबे निवासी हामिद एलपी व उनके पुत्र वाजिद, बुंदेलखंड मुक्ति मोर्चा के जिलाध्यक्ष प्रदुम्न दीक्षित, बापू साहब, राजा सिकंदर दलालनपुरा, शिवम् सेंगर हदरूख, राजू सेंगर निवासी सेंगर कॉलोनी, रहबर कुरैशी चिमन दुबे, भानू चौहान चुर्खीबाल, आलम कुरैशी, चिमन दुबे, जितेंद्र यादव रावतान, अशफ ाक उर्फ चिरकुट्टा निवासी खटीकान को नामजद किया है। इस मामले की जांच कोतवाली प्रभारी फुंदनलाल द्वारा स्वयं की जा रही है। जबकि मामले में अपने को निर्दोष बताने कोतवाली पहुंचे मोर्चा के जिलाध्यक्ष प्रदुम्न दीक्षित को कोतवाली पुलिस ने उन्हें कोतवाली से ही सीधे जेल भेज दिया। जबकि अन्य 14 आरोपी पुलिस की पकड़ से अभी भी दूर हैं। वहीं, कोतवाली प्रभारी ने बताया कि शेष आरोपियों की शीघ्र ही गिरफ्तारी की जाएगी।