हुआ ये कि शुक्रवार को उपेन्द्र दोहरे, आशीष चौधरी, अनिलकुमार व राजीवकुमार निवासीगण बघौरा बाईपास उरई गुरुवार रात कस्बे में आयोजित शादी समारोह में हिस्सा लेने आए थे। देर रात लगभग ग्यारह बजे चारों ने शराब पीने का मन बनाया और पहुंच गए पास की अंग्रेजी शराब की दुकान पर, क्योंकि दुकानों के बंद होने का समय अब रात 10 बजे का है।
लिहाजा दुकान पर ताला लगा देख चारों ने दुकान के बोर्ड के बगल में लिखे मोबाइल नंबर को सेल्समैन का नंबर समझ कर मिला दिया और उससे कहा कि आकर दुकान खोले और शराब की बोतल दे जाए, लेकिन वह नंबर निकला एसडीएम गुलाब सिंह का।
पहली बार तो एसडीएम ने समझा कि किसी ने धोखे से फोन मिला दिया तो उन्होंने बात को गंभीरता से नहीं लिया, पर शराब की लत कहां मानने वाली थी, लिहाजा युवकों ने लगातार न सिर्फ दो तीन बार उस नंबर पर फोन ही मिलाया बल्कि ऊंची आवाज में बात भी करना शुरू कर दी। बस फिर क्या था, कुछ ही देर में सेल्समैन तो नहीं हूटर बजाती पुलिस की जीप दुकान के बाहर पहुंच गई और चारों युवकों को पकड़कर कोतवाली ले आई।
जहां पहुंचने पर चारों युवकों को अपनी गलती का पता चला लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी और पुलिस ने चारों के खिलाफ शांति भंग की कार्रवाई भी कर दी। बता दें कि एसडीएम गुलाब सिंह ने शराब की हर दुकान के बाहर अपना नंबर इसलिए लिखवा दिया है कि यदि कोई दुकानदार रात दस बजे के बाद शराब बेचता दिखे तो उन्हें उनके नंबर पर सूचित किया जाए।