एक महिला ने जालौन कस्बा निवासी मानवेंद्र, शैलेंद्र एवं मालिकचंद्र के खिलाफ 16 मार्च 2014 को बेटी का अपहरण करने एवं गैंगरेप करने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसने बताया था कि घटना के वक्त बेटी घर में अकेली थी। परिवार के लोग कहीं गए थे। जब वे घर लौटे तो घटना की जानकारी हुई। पुलिस ने मामले की जांच कर आरोपियों को गिरफ्तार किया।
मामले की विवेचना करने के बाद मामला कोर्ट में गया। गुरुवार को इस मामले की सुनवाई पूरी होने पर एडीजे द्वितीय न्यायाधीश चंद्रशेखर प्रसाद ने दोषी पाए जाने पर मानवेंद्र, शैलेंद्र व मालिक को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही इन तीनों पर एक लाख तीस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। मामले की पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ब्रजराज सिंह राजपूत ने की।