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लाला हरदौल की मूर्ति तोड़ने वाला पकड़ा

Fri, 11 Mar 2016 11:14 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
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कोतवाली पुलिस की गिरफ्त में मूर्ति तोड़ने वाला अपराधी बिंदा - फोटो : अमर उजाला
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पुलिस के लिए सिरदर्द बने लाला हरदौल मूर्ति तोडने के मामले में पुलिस ने एक अभियुक्त को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। बकौल पुलिस आरोपी ने नशे की हालत में दोनों घटनाओं (हनुमान मंदिर से चोरी और लाला हरदौल की मूर्ति को खंडित करने) को अंजाम दिया। चोरी का माल अभी तक बरामद नहीं किया जा सका हैै। पुलिस इस घटना में कुछ लोगों की
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संलिप्तता बता रही है। इस महीने की 5 तारीख को देर शाम भगतसिंह नगर इलाके में प्राचीन हनुमान मंदिर में चोरी हुई थी। इस दौरान पास ही स्थित लाला हरदौल मंदिर में रखी हरदौल की मूर्ति को तोड़ दिया गया था। इस मामले में हुए धरना प्रदर्शन और बाजार बंदी के बाद हालांकि प्रशासन हरकत में आया और पुलिस की कई टीमें गठित कर अभियुक्तों की शीघ्र

गिरफ्तारी के निर्देश दिए थे। शुक्रवार को कोतवाली पुलिस को सूचना मिली कि इस कांड में जिस अभियुक्त रशीद उर्फ बिंदा कुरैशी पुत्र शेरा निवासी आराजी लेन कोंच का नाम प्रकाश में आया है, वह कैलिया बाईपास स्थित 132 केवीए बिजलीघर के पास छिपा है। सूचना मिलते ही कोतवाल मनवीर सिंह ने दरोगा रवींद्र त्रिपाठी, जयवीर सिंह, राजवीर सिंह, उदयपाल सिंह,
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सिपाहियों राजाभैया आदि के साथ घेराबंदी करके बिंदा को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार बिंदा ने बताया कि उस दिन उसने साथियों के साथ जमकर शराब पी। जब उसके पैसे खत्म हो गए तो उसने पहले हनुमान मंदिर में चोरी की, फिर लाला हरदौल की मूर्ति को लोहे के राड से तोड़ दिया और भाग गया। नशे में मंदिर से चुराया गया सामान कहीं छूट गया।

कोतवाल मनवीर सिंह का कहना है कि मामले में और भी कुछ लोग हो सकते हैं। अगर कोई नाम सामने आया तो उनकी भी शीघ्र ही गिरफ्तारी की जाएगी। इस कांड में वादी संतराम की तहरीर पर चार पांच अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।

बिंदा का आपराधिक रिकॉर्ड
मूर्ति कांड में आज पकड़ा गया बिंदा पहले भी सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने की घटनाआें में लिप्त रह चुका है। उसके नाम कोतवाली मेें कई आपराधों में शामिल होने का रिकार्ड भी है। कई बार जेल भी जा चुका है। बता दें कि जिस दिन मूर्ति तोड़ी गई उसी दिन बिंदा का नाम प्रकाश में आ गया था लेकिन पुलिस ने इस मामले में शुरू से ही ढील दे रखी थी। चार साल पहले

जब लाला हरदौल मंदिर का जीर्णोद्धार हो रहा था तब भी इसी बिंदा ने मंदिर के समीप बने कुएं में गाय काटकर डाल दी थी। तब तत्कालीन कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक पहुप सिंह ने मामले को बखूबी हैंडल कर यहां का सांप्रदायिक सद्भाव बचाया था।
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