मानवता को शर्मसार करते हुए दरिंदों ने चाचा की बारात में आई बच्ची से रेप
के बाद उसकी सिर कुचलकर हत्या कर दी। बच्ची रात 11 बजे विवाह घर से लापता
हो गई थी। आरोपियों ने बच्ची को मंगलवार रात को बारात घर से अगवा कर लिया।
इसके बाद पास के ही खेत में ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया और फिर भारी
पत्थर से सिर व मुंह कूंचकर
उसकी हत्या कर दी। रात भर परिजन तलाशते रहे और
पुलिस की मदद लेने की कोशिश करते रहे। पुलिस ने घटना को महत्व नहीं दिया और
सुबह खेत में बच्ची का शव अस्तव्यस्त हालत में मिला। शव देख भड़के परिजनों
ने ग्रामीणों के साथ मिलकर पास की सड़क पर जाम लगा दिया जिसे बाद में
आश्वासन देकर खुलवाया गया। मंगलवार की रात झांसी जनपद
के कस्बा समथर निवासी
संदीप कुमार के भाई शिवम् की बारात शहरके विजय विक्रम पैलेस राठ रोड में
आई थी। बारात में दूल्हे की सगी भतीजी कशिश (7) पुत्री संदीप कुमार भी आई
थी। द्वारचार के बाद जयमाला समारोह के दौरान तक तो कशिश को बारातियाें ने
देखा लेकिन इसके बाद वह लापता हो गई। इसकी जानकारी होने पर पिता सुदीप ने
उसकी
खोजबीन शुरू कर दी। उसका कोई सुराग न मिलने पर देर रात करीब 12 बजे
परिजन शिकायत के लिए मंडी चौकी पहुंचे लेकिन वहां ताला लटक रहा था। यहां
तैनात दरोगा मनोज गुप्त भी नहीं मिले। इस पर परिजन कोतवाली पहुंचे और वहां
तैनात मुंशी को गुमशुदगी की तहरीर दी। लेकिन उन्होंने कशिश की फोटो मांगी,
जो वे दे नहीं सके और बैरंग लौट आए।
इसके बाद रात भर खोजबीन करते रहे
लेकिन सफलता नहीं मिली। बुधवार की सुबह करीब छह बजे जब आसपास के लोग शौच को
गए तो बच्ची का खून से लथपथ शव खेत से लगी सड़क किनारे खंदक में पड़ा
देखा। सूचना पाकर परिजन मौके पर पहुंचे तो शव देखकर स्तब्ध रह गए और उनकी
चीख निकल गई। बच्ची के आधे शरीर पर कपड़े भी नहीं थे। घटना से
गुस्साए
लोगों ने वहीं नारेबाजी करते हुए जाम लगा दिया। वारदात की सूचना पाकर एसपी
एन कोलांचि, सीओ जंगबहादुर सिंह, कोतवाल आलोक सक्सेना कई दरोगा व
सिपाहियाें के साथ पहुंचे और जाम लगाए परिजनाें को कार्रवाई का
भरोसा देकर
जाम खुलवाया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज
दिया है। एसपी एन कालांचि ने कहा कि रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। आरोपियाें
की तलाश में चार टीमाें को लगाया गया है। जल्द ही वारदात का खुलासा कर
आरोपी सलाखाें के पीछे भेजा जाएगा।
पुलिस खिलाफ नारेबाजी
जहां
लाश मिली वहां थोड़ी ही देर में लोगों की भीड़ लग गई। गुस्साए लोगों ने
नजदीक की सड़क पर जाम लगा दिया और पुलिस विरोधी नारे लगाए। सूचना पाकर एसपी
कई दरोगाओं व फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और लोगाें को समझाने का प्रयास
किया लेकिन रात में पुलिस की हीलाहवाली के चलते लोग नहीं माने। वहां मौजूद
सपा नेता सुरेंद मौखरी ने लोगों को समझाया तब पुलिस शव को पोस्टमार्टम के
लिए भेज सकी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में रेप की पुष्टि
एसपी
ने बताया कि बालिका के आधे कपडे़ उतरे थे और उसकी सिर पत्थर से कूंचकर
उसकी हत्या की गई। अज्ञात आरोपी के खिलाफ पिता की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर
ली गई है। चार टीमें आरोपी की तलाश में जुटी है। उन्होंने कहा कि मामले
का
जल्द ही खुलासा कर दिया जाएगा। उधर दो डाक्टरों डा. विनय अग्रवाल व डा.
अरविंद अवस्थी के पैनल में बच्ची के शव का पोस्टमार्टम किया। इसमें बच्ची
के साथ रेप किए जाने की पुष्टि हो गई है।
सीसीटीवी कैमरे होते तो पुलिस को रहती आसानी
जिस विवाह घर से बच्ची को अगवाकर रेप और हत्या जैसी जघन्य वारदात को अंजाम
दिया गया वहां सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे थे। यदि ये लगे होते तो शायद मासूम
आरोपियों को पकड़ने में पुलिस को मदद मिलती। लेकिन पुलिस द्वारा लाख कहने
के बाद भी विवाह घर संचालकों ने कैमरे लगवाने उचित नहीं समझा।
कौन है वो कातिल ?
मासूम बच्ची से रेप और उसकी हत्या के मामले में पुलिस कई बिंदुआें पर जांच
कर रही है। जिस तरह से बच्ची क ो बेरहमी से मौत के घाट उतारा गया है उससे
तय है कि हत्यारा बड़ा ही शातिर दिमाग है। वारदात स्थल पर शव जिस
हालत में
पड़ा था उससे लग रहा है कि रेप के बाद बच्ची के पहचान लेने पर ही उसे मारा
गया है। अब सवाल यह उठता हैै कि वह आखिर कौन था। पुलिस रिश्तेदाराें से भी
बात कर रही है और कौन रात में ही चला गया उसकी भी तस्दीक
कर रही है। इसके
अलावा वेटराें की भी तलाश कर रही है जो काम पर थे। लोगाें ने बताया कि वेटर
नशे में थे और वह 11 बजे के बाद चले गए थे।
सभी खंगालते रहे वीडियो फुटेज
बच्ची के गायब होने के बाद तो शादी की खुशियां ही काफूर हो गई। हर कोई
बच्ची को तलाशते नजर आया। दूल्हा व अन्य परिजन बारात के दौरान हुई वीडियो
रिकार्डिग के फुटेज देखते रहे कि शायद उसमें बच्ची कहीं नजर आ जाए लेकिन
सफलता नहीं मिली। इससे तय है कि वारदात जयमाल के दौरान ही अंजाम दी गई है।
आनन फानन निपटा विवाह
उरई।
बेटी के गायब होने के बाद जनाती व बाराती दोनाें पक्ष परेशान दिखे, शादी
के मंडप से खुशियां काफूर हो गई। कई बारातियाें ने तो खाना तक नहीं खाया
और परिजन भी शादी की रस्में जैस-तैसे निपटा कर बेटी के शव के इंतजार में
पोटमार्टम हाउस के बाहर बैठे रहे।