फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जैसारी खुर्द की घटना को बताया मर्डर

Sat, 12 Dec 2015 11:04 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, उरई
विज्ञापन
विज्ञापन
जैसारी खुर्द गांव में तीन युवकों की मौत का मामला गरमाने लगा है। पुलिस का कहना था कि ट्रक की चपेट में आने से तीनों युवकों की मौत हुई थी, लेकिन मृतकों के परिजन एवं ग्रामीणों ने शनिवार को जिलाधिकारी से मिलकर पुलिस की कहानी पर सवाल उठाया। उनका कहना था कि तीनों युवकों की गला काट कर हत्या की गई, जिसे पुलिस एक्सीडेंट बता
विज्ञापन


रही है। उन्होंने जिलाधिकारी से पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। गौरतलब है कि जैसारी खुर्द में गुरुवार देर रात तीन युवकों की लाश मिली। पुलिस इस घटना को ट्रक की टक्कर से हुई मौत बता रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी यही बात सामने आई। वहीं, ग्रामीण इसे मर्डर करार दे रहे हैँ। उनका आरोप है कि पुलिस घटना को दबाने का प्रयास कर रही है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी पुलिस ने मनमर्जी बनवा लिया है। शनिवार को एसपी आफिस व सीओ सिटी पहुंचे अंशुमान सिंह, कपिल तोमर, सुरेश सिंह, चंद्रभान समेत करीब पांच दर्जन ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि तीनों युवकों आशू सिंह (21)पुत्र सुरेश सिंह, संतोष सिंह उर्फ गुड़ीराम (22) व छोटू उफ रावेंद्र सिंह (18) पुत्र राजेंद्र सिंह की गुरुवार रात करीब 8 से 9 बजे
विज्ञापन


के बीच धारदार हथियार से हत्या कर दी गई। एसपी आफिस में दिए शिकायती पत्र में ग्रामीणों ने कहा कि आशू सिंह के सिर के धड़ से अलग कर दिया गया और संतोष सिंह के सर के बीच का भाग काट डाला या। वहीं, रावेंद्र के सिर के पीछे छेद था और बायां हाथ टूटा हुआ व ऊपर का हिस्सा कटा हुआ था। ग्रामीणों का आरोप है कि घटना की सूचना आशू सिंह

के मोबाइल से गांव वालों को दी गई। मौके पर गांव वाले पहुंचे तो सिर के बीच अंासू का सिर बीच रोड पर पड़ा था और तीनों शव मोटरसाइकिल पर एक दूसरे के ऊपर पड़े थे।  ग्रामीणों के अनुसार पुलिस ने सुबह आकर सूचना दी कि अज्ञात ट्रक द्वारा एक्सीडेंट करने का मुकदमा लिखा गया है। इस बाबत ग्रामीण जिलाधिकारी रामगणेश से भी मिले। उन्होंने इस

दौरान घटना स्थल पर मिले पुलिस की रायफल के नाल का अवशेष व घटना स्थल पर पडे़ मृतकों की फोटो भी दिखाई। कई अन्य साक्ष्य भी दिखाए। ग्रामीणों ने दावा किया कि घटना ट्रिपल मर्डर केस है। जिसे पुलिस हादसे का रूप देने की कोशिश कर रही है। इस पर डीएम ने ग्रामीणों का घटना के निष्पक्ष जांच का आश्वासन भी दिया।
 
ग्रामीण पुलिस पर लगा रहे आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि मौके पर पुलिस की बंदूक की बैरल की लकड़ी की चाप मिली है। ग्रामीणों का आरोप है कि बंदूक की बैरल व बट प्लेट से मोटर साइकिल को छतिग्रस्त का एक्सीडेंट दर्शाने का प्रयास किया गया है। जबकि मोटरसाइकिल पूरी तरह ठीक है और वह स्टार्ट हालत में है। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस हत्या को छिपाकर एक्सीडेंट दिखाने का प्रयास कर रही है। इसमें थाना डकोर पुलिस की भूमिका संदिग्ध है।
 
नई एजेंसी से कराई जाए जांच
ग्रामीणों ने पुलिस अधीक्षक को दिए शिकायत पत्र में मांग की है कि घटना की जांच किसी नई एजेंसी से कराई जाए जो निष्पक्ष ढंग से इसकी जांच करे। ताकि परिजनों को न्याय दिलाया जा सके।

ग्रामीण मेरे पास आए थे, उन्हें डकोर पुलिस पर विश्वास नहीं है। वे इसे हत्या का मामला बता रहे हैं। पुलिस ग्रामीणों से सहानुभूति रखती है। उनकी तहरीर ले ली गई है। जल्द ही मुकदमा दर्ज कर मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। इस दौरान यदि कोई दोषी मिला तो उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन

                                   जंग बहादुर, सीओ सिटी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें